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Saturday, September 25, 2021
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    कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही इन अफवाहों से बचें

    कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें की जा रही हैं। आप इन अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क होकर उन्ही तरीकों को अपनाएं, जो विशेषज्ञ विभिन्न स्रोतों से बता रहे हैं

    एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क।  पूरी दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर हड़कंप मचा है। इससे कई देश बुरी तरह से प्रभावित हैं तो इसने भारत सहित कई देशों में अपनी दस्तक दे दी है।

    भारत के दिल्ली और कर्नाटक में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जिसके बाद देश के सभी राज्य इसे लेकर अलर्ट मोड में आ गए हैं।

    उत्तरप्रदेश की सरकार ने जहां इसे महामारी घोषित कर दिया है तो वहीं बिहार सरकार ने भी इसके एहतियातन बड़े कदम उठाए हैं।

    बिहार में स्कूल-कालेज, शिक्षण संस्थान 31 मार्च तक बंद कर दिए गए हैं तो वहीं स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर अलर्ट है। सरकार ने इसे लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरतने का निर्देश दिया है।

    वहीं, अब इसे लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की भ्रांतियां भी फैलाई जा रही हैं। इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लोगों को इनसे सतर्क रहने की अपील करते हुए कुछ मिथकों को दूर करने की कोशिश की है।

    मच्छरों से नहीं फैलता कोरोना- मच्छरों से कोरोना वायरस नहीं फैलता। यह एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो छींक या खांसी से फैलता है। जब कोई छींकता या खांसता है तो उसके मुंह या नाक से निकलने वाली थूक की बूंदों से यह दूसरे लोगों को संक्रमित करता है। इसलिए अपने हाथ साफ रखें और मास्क लगाएं।

    सैलाइन से नाक साफ करें तो बच जाएंगे- अभी तक ऐसे सबूत नहीं मिले हैं जिससे पता चले की सैलाइन (एक तरह का द्रव्य) से नाक साफ करने पर आपको कोरोना के संक्रमण से निजात मिलेगी।

    ठंडी या बर्फ में कोरोना वायरस नहीं मरता- कोई भी वायरस तभी खत्म होता है जब उसके अनुकूल वातावरण न मिले। बर्फ से वायरस के मरने की बात कोरी कल्पना है। इंसान के शरीर का तापमान बाहरी वातावरण से ज्यादा प्रभावित नहीं होता।

    अल्कोहल या क्लोरीन छिड़कने से राहत मिलेगी- बिल्कुल नहीं, अल्कोहल या क्लोरीन सिर्फ शरीर के ऊप से सफाई करते हैं, जबकि कोरोना वायरस शरीर के अंदर जाकर बीमार बनाता है। यह सिर्फ शरीर के अंदर जानेवाली दवाइयों से ठीक हो सकता है। यह सिर्फ बचाव का तरीका हो सकता है लेकिन शरीर की बाहरी त्वचा के लिए।

    अल्ट्रा वायलेट लैंप से मर जाएगा वायरस- कोरोना पूरी तरह से अलग वायरस है। अभी इसकी दवा नहीं खोजी गई है। निमोनिया की वैक्सीन, जैसे-न्यूमोकोकल वैक्सीन व हीमोफिलस इनफ्लुएंजा टाइप बी वैक्सीन से इलाज नहीं हो सकता है।

    एंटीबायोटिक्स से ठीक हो जाएगा- एंटीबायोटिक्स सिर्फ बैक्टीरिया को मार सकती है वायरस को नहीं। एंटीबायोटिक्स का उपयोग कोरोना के लिए नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि कोविड 10 नया वायरस है।

    कोरोना पकड़ने में थर्मल स्कैनर कारगर- थर्मल गन या थर्मल स्कैनर शरी के बढ़े हुए तापमान को बिना छुए बता देते हैं। इससे सिर्फ यह पता चल सकता है कि शरीर का तापमान ज्यादा है और आप संक्रमित हो सकते हैं। इससे ये पता नहीं चलता कि वायरस का संक्रमण है या नहीं।

    निमोनिया की वैक्सीन वायरस से बचा लेगी- कोरोना वायरस पूरी तरह से अलग है। अभी तक इसकी दवा खोजी नहीं गई है। निमोनिया की वैक्सीन जैसे- न्यूमोकोकल वैक्सीन और हीमोफिलस इनफ्लुएंजा टाइप बी वैक्सीन से इसका इलाज नहीं हो सकता।

    गर्म पानी में नहाने से कोरोना वायरस नहीं फैलता- कोरोना वायरस गर्म पानी में भी जीवित रह सकता है। जब आप नहाते हैं तो उस समय शरीर का तापमान 36.5 से 37 डिग्री सेल्सियस रहता है। इसलिए भूल जाइए कि गर्म पानी में नहाने से कोरोना नहीं फैलता।

    लहसुन खाने से संक्रमण नहीं होगा- लहसुन में कई एंटी माइक्रोबियल तत्व होते हैं, लेकिन अभी तक ऐसे प्रमाण नहीं मिले हैं जिससे यह पता चले कि लहसुन खाने से लोग कोरोना वायरस से बच सकते हैं। हां, इससे खाने से आप सेहतमंद जरूर रह सकते हैं, क्योंकि इसमें कई अच्छे तत्व होते हैं।

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