भ्रष्ट शिक्षा-तंत्र ने दिया इस खंडहर को फिर स्कूल भवन बनाने का आदेश !

जी हां, वेशक नालंदा सीएम नीतीश कुमार का ही गृह जिला है। यहां जिस तरह के नमूने सामने आते हैं, उसे देख कोई भी छाती ठोक के कह सकता है कि ऐसे कारनामें उनके जिला’राज में ही संभव है……..”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। नालंदा जिले के विकास और शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदशीलता की कुछ तस्वीरें इसलामपुर प्रखंड क्षेत्र से सामने आई है। यह तस्वीरें उत्क्रमित मध्य विद्यालय केवाली से जुड़ा है। यहां वितीय वर्ष 2006-7 एवं वितीय वर्ष 2009-10 में अतिरिक्त वर्ग कक्ष हेतु राशि विद्यालय शिक्षा समिति को निर्गत की गई थी।

लेकिन कहते हैं कि ग्रामीणों के दो पक्षों के विवाद के कारण मामला पटना हाई कोर्ट चला गया। वहां से फैसला आया कि भवन निर्माण कार्य 80 फीसदी पूरा हो गया है, इसीलिए खाता सं. 188, खेसरा-834, थाना नं.-142, मौजा- केवाली पर निर्माण कार्य कराया जाय।

इस आदेश के बाद नालंदा जिला शिक्षा पदाधिकारी ने अपने कार्यालय ज्ञापांक- 1035, दिनांकः 21.06.2019 के जरिए स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक/विद्यालय समिति को आदेश दिया है कि अतिरिक्त वर्ग के अवरुद्ध कार्य को यथाशीघ्र पूरा किया जाए।

इस आदेश की प्रतिलिपि हिलसा अनुमंडल पदाधिकारी, इसलामपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेजी गई है।

जबकि माननीय उच्च न्यायालय का आदेश CWJC3161/2010 दिनांकः 13.05.2011 को ही आ गया था। अब वर्ष-2006-7 वित्तीय वर्ष में शुरु यह अर्धनिर्मित भवन कैसे पूरा होगा और किस मद से नष्ट राशि की भरपाई होगी, यह शिक्षा विभाग की अंदरुनी भ्रष्ट-तंत्र शायद ही उजागर कर सके। यह तो एक उदाहरण मात्र है। जिले में हर जगह ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं।

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