बोकारो के बेरमो में अवैध कोयले का बड़ा कारोबार, माफिया कर रहे बेखौफ धंधा

 
बोकारो के बेरमो में अवैध कोयले का बड़ा कारोबार, माफिया कर रहे बेखौफ धंधा

बोकारों (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। बेरमो अनुमंडल के विभिन्न थाना क्षेत्रों से एक बार फिर से अवैध कोयला का कारोबार आरंभ हो गया है। इस बार कोयला का अवैध कारोबार कोल फैक्ट्रियों की आड़ में किया जा रहा है।

बंद कोयले के कारोबार के चालू हो जाने से इस बात का खुलासा हो गया है कि चाहे कुछ भी हो जाये बोकारो जिला के बेरमो अनुमंडल से कोयला की तस्करी का कारोबार बंद नहीं हो सकता है।

इस बार अवैध कोयला के कारोबार का मुख्य केंद्र पेटरवार, चंद्रपुरा, दुग्दा, पेंक नारायणपुर, नावाडीह एवं बोकारो थर्मल बना हुआ है। अवैध कोयला डिपो एवं अन्य स्थानों में जमा कर बाइक एवं साइकिलों, छोटे वाहनों तथा हाईवा से कोल फैक्ट्ररियों में भेजा जाता है, जहां से उसे ट्रकों के द्वारा बिहार एवं यूपी की मंडियों में भेजा जा रहा है।

उपरोक्त थाना क्षेत्रों में चलनेवाले कोयला को डिपो में सीसीएल की कोलियरियों से बाइक, साइकिलों एवं टोकरियों में ले जाकर जमा किया जाता है। बेरमो कोयलांचल में अवैध कोयला का कारोबार एवं कोयला चोरी रोकने के लिए सैकड़ों सीआइएसएफ के जवान व अधिकारी तैनात हैं।

इसके बावजूद राजाबेड़ा, भंडारीदह, जारंगडीह रेलवे साइडिंग, जारंगडीह कोलियरी, खेतको, अमलो-ढोरी रेलवे साइडिंग, तारमी रेलवे साइडिंग के अतिरिक्त तारमी कोलियरी, कारीपानी कोलियरी, गोविंदपुर कोलियरी, स्वांग ओपन कास्ट, कारो कोलियरी सहित बंद पड़ी अंगवाली खदान, पिछरी खदान, चलकरी खदान से कोयला चोरी की जा रही है।

इतना ही नहीं पेंक नारायणपुर थाना के ऊपरघाट के विभिन्न जंगलों ताराबेड़ा, बंधुबेड़ा के जंगल में कोयला चुरा कर बोरे में भर कर भेजते हैं

ढोरी-अमलो रेलवे साइडिंग से उतारे गये कोयले का कारोबार पांच नंबर धौड़ा, ढोरी बस्ती रानीबाग से किया जा रहा है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों महिला-पुरुष कोयला चुरा कर बोरे में भरकर विभिन्न वाहनों से भेजते हैं।

तारमी रेलवे साइडिंग से चुराये गये कोयले को तुरियो नीचे धौड़ा व ऊपर धौड़ा में जमा किया जाता है। जहां से सप्ताह में ट्रक के माध्यम से फर्जी पेपर के सहारे विभिन्न स्थानों पर भेजा जाता है। तारमी व कारीपानी खदान से चुराये गये कोयले को नावाडीह के विभिन्न स्थानों तक पहुंचाया जाता है।

जहां से विभिन्न वाहन के माध्यम से गंतव्य तक भेजा जाता है। कारो खदान, ऊपरघाट सहित ताराबेड़ा, बंधुबेड़ा व जंगल क्षेत्र से निकाले गये कोयले को गिरिडीह सीमा क्षेत्र तक ट्रैक्टर व बाइक से पहुंचाया जाता है।

बेरमो कोयलांचल अंतर्गत सीसीएल की कोलियरियां एवं रेलवे साइडिंग कोयला चोरों के निशाने पर हैं। धंधे से जुड़े माफियाओं ने पुलिस प्रशासन, सीआइएसएफ व सीसीएल के सुरक्षाकर्मियों की लाख कोशिशों के बावजूद कई जगहों पर अवैध खदान खोल ली है। हर रोज सैकड़ों टन कोयला चोरी हो रहा है। इससे सरकार को करोड़ों के राजस्व का नुकसान पहुंच रहा है।

धंधे से जुड़े सूत्र बताते हैं कि बोकारो जिला में पेटरवार के चलकरी एवं दुग्दा स्थित दो कोल फैक्ट्री में सारा कोयला जमा किया जाता है। दुग्दा स्थित छोटानागपुर कॉलेज के समीप 33 केवी के बिजली सबस्टेशन के पास कोयला के अवैध डीपू में सारा दिन बाइक से कोयला जमा किया जाता है।

बोकारो थर्मल के जारंगडीह रेलवे साइडिंग, सोलह नंबर, मांझी धौड़ा आदि से कोयला चोरी कर खेतको स्थित दामोदर नदी पर बने पुल के माध्यम से सारा दिन कोयला बाइक एवं साइकिल से ढोया जा रहा है।

उक्त सभी कोयला चलकरी के फैक्ट्री में भेजा जा रहा है। इसके अलावा बोरिया बस्ती से भी लगातार से अवैध कोयला का ट्रक रात्रि में एक बजे के बाद लगा कर निकाला जाता है।

गोविंदपुर, नयी बस्ती, लुकूबाद, कुसुमडीह, अरमो नदी धार, हथबजवा, पेंक नारायणपुर थाना के कंजकिरो गंझूटोला, पलामू, सिजवाखलार, गांधीनगर थाना के सोता पानी, डोकाबाद, तेतरिया बेड़ा, रसडेरवा, पिंडराबेड़ा, बेरमो थाना के ताराबेड़ा आदि क्षेत्रों से बाइक पर चोरी का कोयला ढोया जा रहा है।

पेंक नारायणपुर थाना के कोसी स्थित कोल फैक्ट्री में वर्तमान में जमा कोयला का स्टॉक लगभग तीन सौ टन से कहीं अधिक दो हजार टन से भी ज्यादा हो गया है जिसे पेपर बना कर निकालने की तैयारी की जा रही है।

अवैध धंधेबाज एक बाइक पर 18-20 बोरा कोयला लोड कर बगोदर थाना के खेतको, बगोदर, अटका, राजधनवार आदि स्थानों पर ले जाते हैं। बोकारो थर्मल एवं पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र से बाइक से होनेवाली ढुलाई के एवज में पैसे की वसूली की जाती है।

बोकारो थर्मल,पेंक नारायणपुर, गांधीनगर, बेरमो आदि क्षेत्रों में कोयला का अवैध उत्खनन बड़े पैमाने पर आरंभ हो जाने के बाद उक्त चारों थाना क्षेत्रों के गोविंदपुर, स्वांग ओपन कास्ट के अलावा सोता पानी, डोकाबाद, तेतरिया बेड़ा, रसडेरवा, पिंडराबेड़ा, ताराबेड़ा आदि क्षेत्रों से कोयले का अवैध उत्खनन आरंभ होने के बाद चाल धंसने की घटना में ग्रामीणों की जान भी जाना तय है। उक्त थाना क्षेत्रों में पुलिस बीच-बीच में छापेमारी भी करती है, लेकिन छापेमारी आई वाश कही जा सकती है।

बेरमो अनुमंडल के महुआटांड़ तथा जागेश्वर बिहार थाना क्षेत्र से भी कोयला का अवैध कारोबार किया जा रहा है। जंगली एवं नक्सली क्षेत्र का भय दिखा कर अवैध धंधा चल रहा है। दोनों थाना क्षेत्र से कोयला रामगढ़ के चैनपुर, नयामोड़ के रास्ते निकाला जा रहा है।