आजसू दिग्गज नेता का यू संदिग्ध अवस्था में मिला शव, बंद कमरा में पत्नी भी थी बेहोश

 
आजसू दिग्गज नेता का यू  संदिग्ध अवस्था में मिला शव, बंद कमरा में पत्नी भी थी बेहोश

लोहरदगा (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। आजसू पार्टी के पूर्व विधायक कमल किशोर भगत की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई। लोगों ने घर का दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। वहीं पत्नी भी कमरे में बेहोश मिली। जिसे आनन फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन पत्नी को वहां से रांची के अपोलो रेफर कर दिया गया है।

खबरों के मुताबिक आज दोपहर कमल किशोर भगत का कमरा बंद पाया गया जिसके बाद आसपास के लोगों ने दरवाजा खटखटाया दरवाजा नहीं खुलने के बाद लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया।

इसके बाद देखा गया कि अंदर कमल किशोर भगत और उसकी पत्नी दोनों पड़े हुए थे, जिसमें कमल किशोर भगत की मौत हो चुकी थी और उनकी पत्नी बेहोश थी।

मालूम हो कि कमल किशोर भगत 2009 से 2015 तक लोहरदगा से आजसू पार्टी के विधायक रहे और सुदेश महतो के काफी करीबी माने जाते थे। वे बड़े कद्दावर नेता थे, जो दो बार लोहरदगा के विधायक रह चुके हैं।  झारखंड आंदोलन में कमल किशोर भगत की अहम भूमिका थी।

रांची के प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन केके सिंहा से झारखंड आंदोलन के दौरान रंगदारी मांगे जाने का मामला उनके खिलाफ दर्ज हुआ था।

झारखंड गठन के बाद भी यह मामला उनका पीछा नहीं छोड़ा नहीं और लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 23 जून 2015 को कोर्ट ने कमल किशोर भगत को सजा सुनाई थी और 7 साल चुनाव लड़ने से वंचित कर दिया था।

इसके बाद उनको विधायक इस्तीफा देना पड़ा और फिर उनकी पत्नी को पार्टी ने चुनाव मैदान में उतारा, मगर वह अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के सुखदेव भगत से हार गए थे।

कमल किशोर भगत की पहचान एक आंदोलनकारी के तौर पर थी। झारखंड अलग राज्य की लड़ाई में उनका अहम योगदान रहा था। उनकी मृत्यु किन परिस्थितियों में हुई है इस पर कुछ कहा नहीं जा सकता। कमल किशोर का निधन हो आजसू पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है।