यहाँ अबुआ राज की जगह चल रही है बबुआ की बिचौलिया-सिंडिकेट सरकारः रघुवर दास

 
यहाँ अबुआ राज की जगह चल रही है बबुआ की बिचौलिया-सिंडिकेट सरकारः रघुवर दास

राँची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)।  आज पूर्व सीएम और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास हेमंत सरकार पर सोमवार को जमकर बरसे। उन्होंने पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले दो सालों में हेमंत सोरेन ने राज्य का बदहाली, धोखे के सिवा कुछ नहीं दिया है। अभी अबुआ राज में बबुआ बिचौलियों और सिंडिकेट की सरकार चला रहे हैं। अपने पिता तक की बात नहीं सुननेवाला जनता की बात क्या सुनेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी प्रवक्ता सरोज सिंह, मीडिया प्रभारी एस पाठक भी उपस्थित थे।

उन्होंने कहा कि पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन तक की बात पार्टी उपाध्यक्ष हेमंत खारिज कर मनमानी कर रहे। पत्थर, कोयला, बालू, आयरन ओर के अवैध उठाव का कारोबार राज्य में कोल्हान से दुमका तक जारी है। शराब सिंडिकेट, ठेकेदार सिस्टम पर भारी हैं।

उन्होंने कहा कि कट मनी के आधार पर ही फाइल सचिवालय में आगे बढ़ रही। राज्य में दो साल पहले बनी हेमंत सरकार जैसी बेकार, अकर्मण्य सरकार राज्य में न पहले कभी बनी थी, न आगे बनेगी।

रघुवर दास ने आगे कहा कि राज्य में सरकार बनने के साथ ही लोक कल्याणकारी योजनाओं पर काम शुरू किया जाता है। कैबिनेट की शुरुआती बैठकों में भी ऐसे ही फैसले लिये जाते हैं।

पूर्व सीएम ने कहा कि हर साल 5 लाख युवाओं को रोजगार, गरीब बहनों को हर माह 2000 रुपये चूल्हा खर्च, हर गरीब को पीएम आवास के लिए 3 लाख की मदद, बेरोजगारों को 5 से 7 हजार तक बेरोजगारी भत्ता और ऐसे ही वादे को साकार करने के बजाए इस सरकार ने पत्थलगड़ी से जुड़े मामले में केस हटाने का प्रस्ताव लाया।

उन्होंने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा, शेख भिखारी जैसों की इस धरती पर विदेशी शक्तियां, धर्मांतरण करानेवाली अराजक शक्तियां हावी हो रही हैं। पत्थलगड़ी में भी उनका हाथ था। इस पर कानूनी कार्रवाई के बजाए केस हटाने की पहल करना शर्मनाक है।

पूर्व सीएम ने कहा कि आदिवासी हित, जल, जंगल, जमीन के नाम पर आनेवाली हेमंत सरकार में आदिवासी हित के नाम पर केवल हत्या, लूट का दौर चला है। कोल्हान में सात आदिवासियों की हत्या, लोहरदगा में दंगा से लेकर दो सालों में 10 मॉब लिंचिंग और इसमें 6 की हत्या तक के केस इसी श्रेणी में हैं। सिमडेगा में मॉब लिंचिंग हुआ, संजू प्रधान की हत्या सुनियोजित तरीके से की गयी।

उन्होंने पूछा कि सरकार बताये कि लिंचिंग की परिभाषा क्या है। हिन्दू, दलित की लिंचिंग को मॉब लिंचिंग की श्रेणी में यह सरकार नहीं रखती। हजारों सरना, मसना स्थल के सुंदरीकरण का काम पूर्ववर्ती सरकार में हुआ था। इस सरकार में सब ठप है।

श्री दास ने कहा कि बगैर सोचे समझे हेमंत सरकार ने पूर्ववर्ती सरकार की नियोजन नीति को कैंसिल कर दिया। विधि विभाग से बगैर परामर्श के नयी नीति बनायी। इसमें हिन्दी, अंग्रेजी सहित अन्य भाषाओं की उपेक्षा की गयी। पिछली सरकार में सभी भाषाओं के साथ-साथ 9 जनजातीय भाषाओं को शामिल किया गया था।

उन्होंने कहा कि सभी जिलों में (13 और 11 जिले) तृतीय और चतुर्थ श्रेणी की नौकरियां 10 सालों के लिए आरक्षित की गयी थीं। इसे इस सरकार ने रोक दिया। बस तुष्टिकरण की राजनीति के लिए खास भाषा को बनाये रखा। हाइकोर्ट तक इस सरकार की नीति पर सवाल उठा चुका है।

उन्होंने याद दिलाया कि नौकरी नहीं दिये जाने पर राजनीति से संन्यास की बात हेमंत ने की थी। नियुक्ति वर्ष की घोषणा करने वाली सरकार ने नौकरियां तो नहीं दीं, 13000 से अधिक युवाओं की नौकरियां जरूर छीन ली हैं। 3000 से अधिक पंचायत सचिवों का रिजल्ट रोक रखा है। स्पेशल ब्रांच के आरक्षी पद पर 1000 आरक्षियों की बहाली भी फंसी है।

ऐसी ही स्थिति कई अन्य परीक्षाओं की भी है। आंदोलनकारियों के आश्रितों को एक माह के अंदर नौकरी देने का वादा किया था। सदन में कहा था कि 24 हजार शिक्षकों की नियुक्ति होगी, पर 2400 भी नहीं हुई।