सिमडेगा मोब लिंचिंग एवं पलामू दरोगा मौत की होगी सीआईडी, जानें बड़ी वजह

 
सिमडेगा मोब लिंचिंग एवं पलामू दरोगा मौत की अब होगी सीआईडी, जानें बड़ी वजह

राँची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। राज्य में लगातार ऐसे कई घटना एक साथ घटी है, जिसे लेकर राजनैतिक गलियारे पूरी तरह से गर्म है। पक्ष और विपक्ष एक दूसरे से वाद-विवाद कर रहे हैं और जनमानस में ओह-पोह की स्थिति बन गई है।

वर्तमान समय में सिमडेगा में हुए मोब लिंचिंग एवं पलामू में हुए थानेदार की आत्महत्या में लगातार पुलिस की किरकिरी हो रही है। ऐसे में पलामू के नवाबाजार थाने के निलंबित दारोगा लालजी यादव के कथित आत्महत्या और सिमडेगा में भीड़ द्वारा संजू प्रधान की गई हत्या के मामले की जांच अब सीआईडी करेगी।

डीजीपी नीरज सिन्हा ने दोनों मामलों की जांच सीआईडी से कराने का निर्णय लिया। इससे संबंधित लिखित आदेश पुलिस मुख्यालय द्वारा जल्द जारी किया जाएगा।

दारोगा लालजी यादव के आत्महत्या मामले में परिजनों ने पलामू के एसपी चंदन कुमार सिन्हा और डीटीओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस मामले में गुरुवार को भी दारोगा के पैतृक गांव साहिबगंज में जोरदार प्रदर्शन हुआ।

वहीं सिमडेगा के कोलेबिरा में भीड़ द्वारा संजू प्रधान को पीट-पीटकर हत्या व जलाने के मामले में भी पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि जब भीड़ द्वारा संजू की मॉब लिंचिंग की जा रही थी, तब वहां पुलिसकर्मियों ने संजू को बचाने की कोशिश नहीं की।

इन दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही थी। भाजपा ने राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर लालजी की मौत के मामले की जांच की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई थी।

सिमडेगा के कोलेबिरा में भीड़ के हाथों मारे गए संजू प्रधान नामक युवक की हत्या के मामले की जांच सीआईडी करेगी। एक दिन पूर्व राज्यपाल रमेश बैस ने डीजीपी नीरज सिन्हा को तलब कर इस मामले की विस्तृत जानकारी ली थी।

उन्होंने घटना की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच कराने को भी कहा था। इसके बाद ही पुलिस मुख्यालय ने इस मामले की सीआईडी जांच कराने का निर्णय लिया है।

पलामू के नवाबाजार थाने के निलंबित दारोगा लालजी यादव ने तीन दिन पहले आत्महत्या कर ली थी। दारोगा के छोटे भाई संजीत कुमार यादव ने पलामू क्षेत्र के डीआईजी राजकुमार लकड़ा को आवेदन देकर एसपी पलामू चंदन कुमार सिन्हा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उन्होंने कहा है कि लालजी यादव ने खुदकुशी नहीं की, बल्कि उनकी हत्या की गई है। पलामू एसपी पिछले कुछ दिनों से अवैध बालू, गिट्टी वाले ट्रकों को चलवाने का दबाव बना रहे थे। लालजी यादव पिछले दिनों जब घर आए थे तो वे काफी निराश और तनाव में थे।

सिमडेगा मामले में प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार ग्रामीण पहले संजू को बुलाकर ले गए थे। बेसराजारा बाजार के समीप पंचायत लगी। आरोप लगाया कि संजू वन क्षेत्र से लकड़ी की तस्करी करता है। उसको खूंटकटी के नियम के तहत मौत की सजा सुनाई गई।

इसके बाद संजू की हत्या कर दी गई। इसके बाद लकड़ी का ढेर लगा। उसमें आग लगाकर संजू को जला दिया गया। 32 वर्षीय संजू घटनास्थल से महज 100 मीटर दूर बेसराजरा में ही घर बनाकर रह रहा था।

आरोप है कि उस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रहीं, कुछ भी नहीं किया। कोई घटना के बाद लगातार सिमडेगा में भारतीय जनता पार्टी के बड़े राजनेताओं का पुलिस परिवार के घर आगमन हुआ और उनके द्वारा भी सरकारी तंत्र एवं पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया गया था।

इसके अलावा वर्तमान समय में सिमडेगा डीएफओ के द्वारा कोलेबिरा विधायक के ऊपर भी आरोप लगाया था जिसे कोलेबिरा विधायक ने एक सिरे से खारिज कर दी थी। साथ में विधायक ने बताया था कि इस मामले में भारतीय जनता पार्टी संप्रदायिक रंग देकर अराजकता का माहौल राज्य में पैदा करना चाहती है।

बंधु तिर्की ने भी भारतीय जनता पार्टी पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया था। वर्तमान समय में सिमडेगा में जिस प्रकार की राजनीति गर्म होती है तो सभी राजनेताओं का चुप्पी हो जाएगी