पूर्व विधायक की लापरवाही से हुई चाईबासा कांड, 2 अंगरक्षकों ने गई जान

 
चाईबासा कांड

चाईबासा (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। झारखंड के मनोहरपुर के पूर्व विधायक गुरुचरण नायक पर हमला कर दो अंगरक्षकों की हत्या और हथियार लूट के मामले में पुलिस पूर्व विधायक की लापरवाही को कारण मान रही है। झारखंड पुलिस के अधिकारियों के साथ साथ पुलिस मेंस एसोसिएशन के अध्यक्ष ने भी घटना में पूर्व विधायक की लापरवाही मानी है। 

राज्य पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, पूर्व विधायक को समारोह में आने का निमंत्रण घटना के तकरीबन एक सप्ताह पूर्व मिला था। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में जाने की कोई सूचना जिला प्रशासन या स्थानीय थाने को नहीं दी थी। ऐसे में कार्यक्रम के पहले सुरक्षा की खामी रह गई।

राज्य पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी इलाके में जनप्रतिनिधियों को कार्यक्रम होता है तो पहले इसकी सूचना जिला प्रशासन या स्थानीय थाने को दी जाती है। इसके बाद विशेष शाखा को भी इस संबंध में मूवमेंट की जानकारी होती है।

विधायक गुरुचरण नायक के कार्यक्रम स्थल से कुछ दूर पर ही 28 दिसंबर को वन विभाग के एक ठेकेदार के मुंशी बोयराम लुगुन की गोली मार कर हत्‍या कर दी गई थी। इसके बाद उसके शव को गोइलकेरा-चाईबासा सड़क पर फेंक दिया गया था। इस घटना के कुछ दिन पूर्व भी एक युवक प्रेम सुरीन की हत्या कर दी गई थी। माओवादियों ने दोनों की हत्या मुखबिरी के आरोप में की थी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हाल के दिनों में उस इलाके में मिसिर बेसरा, अर्जुन महतो जैसे माओवादियों का दस्ता कैंप कर रहा है। प्रशांत बोस की गिरफ्तारी के बाद इलाके में  माओवादी फिर से खुद को मजबूत करने में जुटे हैं।