3000 NRC विरोधियों पर राजद्रोह की धारा पर CM गंभीर, SHO को शोकॉज

“ऐसा लगता है कि आवेदन का गहराई से अवलोकन किए बगैर कांड अंकित कर लिया गया है। यह घोर लापरवाही, मनमानी और अयोग्यता का परिचायक है… IPS राम कुमार, सिटी एसपी, धनबाद

धनबाद (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। प्रशासन की कथित अनुमति के बगैर वासेपुर से एनआरसी के विरोध में जुलूस निकालने वालों पर राजद्रोह की धारा 124 (ए) के तहत मुकदमा नहीं चलेगा।

24 घंटे के भीतर पुलिस ने इस धारा को हटाने का फैसला लिया है। धनबाद पुलिस एक-दो दिन में केस से इस धारा को हटाने के लिए न्यायालय में शुद्धि पत्र देगी।

बीते सोमवार को जुलूस निकालने वालों के खिलाफ इस धारा तहत 3000 लोगों पर धनबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

एसडीओ राज महेश्वरम के निर्देश पर सीओ प्रशांत कुमार लायक ने थाना में आवेदन दिया था। डीएसपी (विधि व्यवस्था) मुकेश कुमार के निर्देश पर सीओ के आवेदन पर भारतीय दंड विधान की धाराएं लगाई गईं।

मंगलवार की सुबह एसएसपी किशोर कौशल के संज्ञान में यह बात आई तो उन्होंने सिटी एसपी आर राम कुमार को केस के सुपरविजन का आदेश दिया।

शाम तक रिपोर्ट आ गई। पाया गया कि जुलूस में ऐसा कुछ नहीं किया गया, जिसे राजद्रोह के दायरे में माना जाय।

याद दिला दें कि सोमवार को वासेपुर से हजारों लोगों ने तिरंगा लेकर विशाल जुलूस निकाला था। उनके हाथों में तख्ती और बैनर थे।

उधर, धनबाद के सिटी एसपी आर राम कुमार ने धनबाद थानेदार संतोष कुमार को शोकॉज किया है।

इसमें कहा गया कि वासेपुर के लोगों द्वारा एनआरसी, सीएए और एनआरपी के खिलाफ प्रशासन की अनुमति के बगैर जुलूस निकाला गया था।

इस मसले पर प्राथमिकी के लिए जो आवेदन दिया गया है, उसके अवलोकन से धारा 124 (ए) लगाने का औचित्य प्रतीत नहीं होता है।

ऐसा लगता है कि आवेदन का गहराई से अवलोकन किए बगैर कांड अंकित कर लिया गया है। यह घोर लापरवाही, मनमानी और अयोग्यता का परिचायक है।

सिटी एसपी ने तीन दिनों में स्पष्टीकरण देने को कहा है अन्यथा अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही है।

इधर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर धनबाद में तीन हजार लोगों के खिलाफ मुकदमे में राजद्रोह की धारा लगाने का उल्लेख किया है। राजद्रोह की धारा हटाने का निर्देश दिया गया है। आम नागरिक भी कानून का पालन करें।

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