फेसबुक लाइव में बोले बिहार डीजीपी- ‘अलग होगी विधि-व्यवस्था और अनुसंधान टीम’

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“पुलिस उपद्रवियों से निपटने के लिए कार्रवाई करती है तो 10 सही तो 10 निर्दोष भी फंस जाते हैं। फिर निर्दोष व्यक्ति अपने को साबित करने के लिए चक्कर काटना शुरू कर देते हैं, जिसमें उन्हें और व्यवस्था दोनों को परेशानी होती है और एक लंबा वक्त लग जाता हैं। इसलिए कानून में फंसे नहीं….”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय आज सोमवार को ठीक 5 बजे माइक्रो ब्लॉगिंग सोशल साइट फेसबुक पर लाइव हुए और आम-आवाम को सही दिशा, संदेश देने के साथ ही युवाओं से अपील करते हुए असमाजिक तत्वों एवं अपराधियों को खरी-खरी सुना दिया कि कानून के हाथ बड़े लम्बे होते हैं। इससे कोई बचने वाला नहीं।

उन्होंने सूबे के महिलाएं एवं बेटियों पर जो भी बुरी नजर रखेंगे, उनका अंजाम बुरा होगा। हाल ही में भागलपुर में एक लड़की पर हुये एसीड अटैक के बारे में कहां की, घटना में शामिल अपराधियों को महज 100 दिनों के अंदर स्पीडी ट्रायल चलाकर पुलिस सजा दिलाने का काम करेंगी।

ऐसे सभी मामले को जल्द से जल्द अंजाम तक पहुंचाने का निर्देश सभी एसपी को दिया गया हैं। पीडि़त लड़की के परिजनों से वे स्वंय बात किए हैं और बिहार पुलिस के कार्रवाई पर उनका पूरा विश्वास हैं। उन्होंने पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा दिलाने का सिफारिश करने की भी बात कही।

डीजीपी ने दो टूक कहा कि समाज के 90 % लोग शांति -व्यवस्था चाहते हैं। कुछ ऐसे असमाजिक तत्व है, जो अपने निजी स्वार्थ के लिए,अपने को दबंग और दबाव दिखाने के लिए सड़क पर उपद्रव खड़ा करते हैं। इससे समाज और पीडि़त परिवार को ही नुकसान होता हैं। पुलिस -प्रशासन, व्यवस्था जब आम लोगों की सुरक्षा और सुविधाएं में जुटी हैं तो फिर उपद्रव से कोई लाभ होने का सवाल नहीं होता।

उन्होंनें यह भी माना कि पुलिस उपद्रवियों से निपटने के लिए कार्रवाई करती है तो 10 सही तो 10 निर्दोष भी फंस जाते हैं। फिर निर्दोष व्यक्ति अपने को साबित करने के लिए चक्कर काटना शुरू कर देते हैं, जिसमें उन्हें और व्यवस्था दोनों को परेशानी होती है और एक लंबा वक्त लग जाता हैं। इसलिए कानून में फंसे नहीं, बल्कि पुलिस को सहयोग दें।

डीजीपी ने युवा वर्ग से कहा कि वे अफवाहों से बचें और सकारात्मक दिशा को एख्तियार करें गुंडा पंजी तैयार हो रहीं हैं। अगर एक बार इसमें नाम दर्ज हो गया तो कैरियर बर्बाद हो जाएगा। इसलिए पुलिस को सहयोग करें ।

संसाधन की कमी को लेकर विधि-व्यवस्था और अनुसंधान दोनों ही एक ही पुलिस को देखना पड़ता था। लेकिन डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने इसे अलग-अलग करने का विचार कर लिये हैं।

डीजीपी का कहना हैं की विधि-व्यवस्था की टीम अलग होने से गश्ती पर पूरा फोकस होगा। वहीं सही अनुसंधान के लिए जो टीम रहेंगी, वह गुणवत्ता उक्त अनुसंधान कर दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का काम करेगी।

डीजीपी कहते है कि सभी थाने को गाड़ियां और अत्याधुनिक हथियार दे दिये गये हैं। अब संसाधन की कोई कमी नहीं हैं। उमारा मिशन ही है सुरक्षित समाज, भयमुक्त समाज और अपराधमुक्त समाज ।

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे सिर्फ सुरक्षा-व्यवस्था को लेकर ही संदेश और अपील नहीं किया, बल्कि निर्भिक होकर मतदान करने का अपील की।

उन्होंने कहा कि जो बालिग है और जिनका मतदाता सूची में नाम है, वह मतदान करने के अधिकार रखते हैं। उन्हें कोई दबंग या दबाव डालकर रोक नहीं ऐसे लोगों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।

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