तबरेज का पिता भी था शातिर चोर, 12 साल पहले गला काटकर उसकी हई थी हत्या

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“मसकूर का सिर गायब था। कपड़े व जूते से शव की पहचान की जा सकी थी। हालांकि परिजनों ने किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं कराया था, ऐसे में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था….”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क। चोरी के आरोप में भीड़ की पिटाई के बाद सरायकेला जेल में न्यायिक हिरासत में दम तोडऩे वाले तबरेज अंसारी के पिता मसकूर अंसारी की भी 12 साल पहले गला काटकर हत्या कर दी गई थी।

सरायकेला थाना के ही एक अधिकारी ने बताया कि मसकूर अंसारी अपराधी प्रवृति का था और सरायकेला व बागबेड़ा थाने में उसके खिलाफ चोरी व डकैती के कई मामले दर्ज थे। कई बार वह जेल भी जा चुका था।

घटना 2007 की है। घर से गायब होने के तीन दिन बाद मसकूर व पश्चिमी सिंहभूम के मझगांव के रहने वाले उसके साथी की सड़ी-गली लाश मिली थी। गला कटा हुआ था। दोनों के शव बागबेड़ा थाना क्षेत्र मतलाडीह व राजनगर के बीच जंगल में मिले थे।

मसकूर का सिर गायब था। कपड़े व जूते से शव की पहचान की जा सकी थी। हालांकि परिजनों ने किसी के खिलाफ केस दर्ज नहीं कराया था, ऐसे में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

तबरेज की मौत के बाद उसके परिवार की भी पृष्ठभूमि जानने के क्रम में यह जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने भी तबरेज के पिता की मौत को मॉब लिंचिंग कहने को साफ तौर पर गलत बताया। तबरेज के चाचा का कहना है कि जब तीन दिन बाद सड़ी-गली लाश मिली थी तो मॉब लिंचिंग कैसे हो सकता है।

स्थानीय नेता मो. मोसाहिद खान उस समय 25 साल के थे। उन्होंने घटना को याद करते हुए बताया कि जैसे ही हम सबको पता चला, कदमडीहा गांव के सैकड़ों लोग बागबेड़ा पहुंचे थे। ग्रामीणों की भीड़ को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिस भी मौजूद थी। मसकूर का सिर गायब था। बहुत कोशिशों के बाद उनका सिर मिला।

बाद में कदमडीहा लाकर दोनों के शव को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उस समय तबरेज काफी छोटा था। बाद में तबरेज की मां की भी मौत हो गई। तबरेज को उनके चाचा ने पाला पोसा।

बता दें कि 17 जून की रात कदमडीहा गांव के लोगों ने युवक तबरेज अंसारी को चोरी के आरोप में पीटा था। ग्रामीणों का आरोप है कि तबरेज अपने दो साथियों के साथ कमल महतो के घर चोरी की मंशा से घुसने की कोशिश कर रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि जब तबरेज को पकड़ा गया तो उसके दो साथी नुमैर अली और शेख इरफान भाग निकले। इस घटना का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें ग्रामीण तबरेज को पीट रहे हैं।

तबरेज की पिटाई के दो वीडियो हैं। पहले में उसे सड़क किनारे बैठा कर डंडों से पीटा जा रहा है और दूसरे वीडियो में तबरेज को बिजली के खंभे से बांध कर पीटा जा रहा है।

तब सरायकेला के उपायुक्त ने गृह विभाग को भेजी अपनी रिपोर्ट में बताया है कि 18 जून को सुबह पांच बजे घटना की सूचना पाकर सुबह पुलिस मौके पर पहुंची और तबरेज को बचाया।

ग्रामीणों ने तबरेज के खिलाफ चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिक इलाज कराने के बाद तबरेज को जेल भेज दिया। जेल में 22 जून को तबरेज अंसारी की हालत नाजुक हो गई।

जब वह बेहोश हो गया तो पुलिस ने उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा था, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों के हंगामें के बाद उनकी संतुष्टि के लिए तबरेज को जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल टीएमएच लाया गया। यहां भी डाक्टरों ने उसे मृत बताया था।

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