अंधविश्वासः ढोंगी संपेरे ने घर में सांप छोड़ कर बेच डाले हजारों के ताबीज !

“शुक्रवार की सुबह कादलकुर्मी गांव के प्रमोद रजवार के 6 वर्षीय पुत्र शिवम कुमार को उसके घर में किसी विषैले सांप ने डंस लिया था। उसे इलाज के लिए हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन….
 
अंधविश्वास  ढोंगी संपेरे घर में सांप छोड़ कर बेच डाला हजारों का ताबीज

अंधविश्वास  ढोंगी संपेरे घर में सांप छोड़ कर बेच डाला हजारों का ताबीज पलामू (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। अंधविश्वास का सहारा लेकर अक्सर ढोंगी अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं और भोले भाले ग्रामीणों को चपत लगा कर निकल जाते हैं।

पलामू जिले में कुछ इसी तरह का मामला सामने आया है। जिले के मोहम्मदगंज और उंटारी रोड प्रखंड के सीमावर्ती कादलकुर्मी गांव में सांप के डंसने से एक बच्चे की मौत पर एक ढोंगी ने उसे जिन्दा कर देने का अंधविश्वास फैलाया और फिर उसके घर में सांप छोड़ कर हजारों रुपये का ताबीज बेच कर निकल गया।

खबरों के मुताबिक  शुक्रवार की सुबह कादलकुर्मी गांव के प्रमोद रजवार के 6 वर्षीय पुत्र शिवम कुमार को उसके घर में किसी विषैले सांप ने डंस लिया था। उसे इलाज के लिए हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उसकी मौत हो गयी।

बच्चे की मौत की सूचना किसी तरह दो ढोंगी संपेरों को मिल गयी। उन्होंने पीड़ित परिवार से संपर्क किया और बच्चे को जिंदा कर देने का दावा किया। कहा कि बच्चे को दफन कर दें, उसे हम शनिवार को आकर जिंदा कर देंगे।

परिवार के लोगों ने अंधविश्वास में पड़ कर बच्चे को कोयल नदी के किनारे दफना दिया। शनिवार को एक मोटरसाइकिल से दो संपेरे गांव पहुंचे और अपना अंधविश्वास का जाल फैलाया।

बड़ी-बड़ी बातें करते हुए ग्रामीणों को जुटाया और फिर इसी क्रम में अपने पास से दो सांप प्रमोद रजवार के घर में छोड़ दिये। ढोंगी सपेरे ने बच्चे को तो जिंदा नहीं किया, लेकिन अपनी कमाई का जरिया जरूर तैयार कर लिया।

घर में सांप छोड़ने के बाद सपेरों ने कहा कि वे बच्चे को जिंदा तो नहीं कर सकते, लेकिन प्रमोद के घर में घुसे सांप जरूर बाहर निकाल सकते हैं। फिर उन्होंने बीन बजा कर सांप को प्रमोद के घर से बाहर निकाला और लोगों के गले में लपेट कर कमाई का रास्ता तैयार कर लिया।

संपेरे ने कहा कि उनके पास एक ऐसा ताबीज है, जिसे पहनने या फिर घर में रखने से सांप उसके नजदीक नहीं आयेगा। ग्रामीण उसकी बातों में आ गये और फिर संपेरे ने वहां अपनी दुकान खोल ली। धागे में बांध कर सारे ग्रामीणों को 50-50 रुपये में ताबीज बेची और 20 से 25 हजार कमा कर वहां से निकल गये। 

ग्रामीणों का कहना है कि दो संपेरे गांव आये थे। आने पर अंधविश्वास फैलाया और गले में सांप लपेट कर बताया कि उनके पास एक ऐसा ताबीज है, जिसे पहनने पर सांप कभी नहीं डंसेगा। लोग उनके मायाजाल में आ गये और दर्जनों लोगों ने उससे ताबीज खरीद ली। एक संपेरे का नाम अफरोज था। उसने खुद को देवघर का निवासी बताया।