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Jharkhand: तीन नामों पर राज्यपाल की आपत्ति, हेमंत सरकार की किरकिरी, सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की फाइल लौटायी

” झारखंड (Jharkhand) राज्यपाल की आपत्ति के साथ फाइल लौटाए जाने के बाद अब राज्य सरकार के सामने स्थिति स्पष्ट करने और संभवतः नए सिरे से विचार करने की चुनौती है। इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है…

रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड (Jharkhand) राज्य में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इस संबंध में भेजी गई फाइल पर आपत्ति जताते हुए उसे राज्य सरकार को वापस कर दिया है।

बताया जा रहा है कि अनुशंसित तीन नाम तनुज खत्री, शिवपूजन पाठक और अमूल्य नीरज खलखो के राजनीतिक दलों से जुड़े होने की जानकारी सामने आने के बाद राज्यपाल ने इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज की है।

राज्यपाल ने मुख्य सचिव को फाइल लौटाते हुए सरकार से इन नामों की पृष्ठभूमि पर स्पष्ट स्थिति प्रस्तुत करने को कहा है। सूत्रों के अनुसार, नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर राजभवन विशेष सतर्कता बरत रहा है।

चयन प्रक्रिया पर पहले से उठ रहे थे सवालः उल्लेखनीय है कि 25 मार्च को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति ने इन नामों पर सहमति बनाकर प्रस्ताव राज्यपाल के पास अनुमोदन के लिए भेजा था।

फाइल राजभवन पहुंचने के बाद लोकभवन में कई शिकायतें भी दर्ज करायी गयीं, जिनमें चयन प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए थे। इन शिकायतों ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया।

राज्यपाल-सीएम मुलाकात में भी उठा मुद्दाः लोकभवन में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच शिष्टाचार मुलाकात के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। बैठक में रांची समेत अन्य विश्वविद्यालयों में कुलपति नियुक्ति, सूचना आयुक्तों की बहाली और लोकायुक्त की नियुक्ति जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की स्थिति से भी राज्यपाल को अवगत कराया। बताया जाता है कि फाइल लौटाने से पहले राज्यपाल ने पूरे मामले की गहन समीक्षा की थी।

हाईकोर्ट में भी लंबित है मामलाः सूचना आयुक्तों की नियुक्ति का यह मामला न्यायालय तक भी पहुंच चुका है। झारखंड हाईकोर्ट में इस पर सुनवाई जारी है और अगली सुनवाई की तारीख 13 अप्रैल 2026 तय की गई है। ऐसे में राजभवन का यह कदम मामले को और महत्वपूर्ण बना देता है।

शिकायत में क्या लगाए गए आरोपः आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार महतो ने लोकभवन को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया था कि चयनित नामों में राजनीतिक निष्पक्षता का अभाव है। उनके अनुसार शिवपूजन पाठक भाजपा से जुड़े मीडिया प्रभारी हैं। अमूल्य नीरज खलखो कांग्रेस संगठन से संबद्ध हैं। जबकि तनुज खत्री झामुमो से जुड़े बताए जा रहे हैं।

शिकायत में यह भी कहा गया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सूचना आयुक्त का किसी राजनीतिक दल से संबद्ध होना नियमों के विरुद्ध है।

Expert Media News

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

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