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    Sunday, February 25, 2024
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      कुमार गौरव अजीतेन्दु को तृतीय रविनेश कुमार वर्मा स्मृति सम्मान

      गया (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़)। साहित्य सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान एवं पुस्तक ‘मुक्त उड़ान’ (हाइकु संकलन) के लिए पटना के दानापुर कैंट के कुमार गौरव अजीतेन्दु को तृतीय रविनेश कुमार वर्मा स्मृति सम्मान दिया गया।

      स्मृति सम्मान के संयोजक जुगेश कुमार सिन्हा ने बताया है कि कुमार गौरव अजीतेन्दु को सम्मान पत्र एवं दो हजार एक सौ रुपये का चेक सम्मानस्वरूप दिया जा रहा है। युवा साहित्यकार मुकेश कुमार सिन्हा के पिताजी की स्मृति में आयोजित स्मृति सम्मान का मुख्य उद्देश्य युवा साहित्यकारों का उत्साह बढ़ाना है।

      सह संयोजक राकेश कुमार ने बताया है कि “नन्हीं चिड़ियां भी कुछ कहना चाहती है’ (काव्य संग्रह) के लिए मधुयंका राज (नवादा) को वर्ष 2020 में प्रथम रविनेश कुमार वर्मा स्मृति सम्मान एवं वर्ष 2021 में ‘जादू की छड़ी’ (बाल कविता संग्रह) के लिए मुज़फ़्फ़रपुर की आस्था को द्वितीय रविनेश कुमार वर्मा स्मृति सम्मान दिया जा चुका है।

      कुमार गौरव अजीतेन्दु की रचनाएं नियमित रूप से विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में छपती रही है। त्रिसुगन्धि, पावनी, काव्यशाला, काव्य सुगन्ध, कविता अनवरत, गितिकलोक में सहभागी रचनाकार का एल्बम ‘देखो फिर नवरात्रि आये’ रिलीज हो चुकी है।

      मुकेश कुमार सिन्हा बिहार ही नहीं बल्कि बिहार से बाहर भी साहित्य के क्षेत्र में एक सशक्त हस्ताक्षर के रूप में जाने जाते हैं। साहित्य के हर विधा में वे उत्कृष्ट माने जातें हैं। विभिन्न समाचार पत्रों, पत्रिकाओं में आएं दिन उनके द्वारा लिखी पुस्तकों की समीक्षा प्रकाशित होते रहती है।

      उनकी कविता संग्रह ‘तेरा मज़हब क्या है चांद’ काफी लोकप्रिय रही है।उनकी तीसरी किताब ‘बाते किताबों की’ प्रकाशित हो चुकी है। जिला भविष्य निधि कार्यालय, नवादा में कार्यरत मुकेश कुमार सिन्हा को जिला प्रशासन गया से सम्मानित हो चुके हैं।

      वहीं उन्हें प्रेमनाथ खन्ना सम्मान,पंचवटी राष्ट्रभाषा सम्मान, अनुराधा प्रकाशन द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवी सम्मान, फ्रेंड्स यूथ क्लब द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान, अभिषेक प्रकाशन द्वारा 21वीं शताब्दी साहित्य गौरव सम्मान मिल चुका है।

      जाने माने साहित्यकार, पत्रकार मुकेश कुमार सिन्हा के पिताजी रविनेश‌ कुमार सिन्हा की मृत्यु वर्ष 2006 में हो गई थी। उन्होंने अपने पिता की स्मृति में पिछले तीन सालों से रविनेश‌ कुमार वर्मा स्मृति सम्मान का आयोजन करते आ रहें हैं।

       

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