सरायकेला-खरसावां में ऐसा क्या हुआ? घड़ा लेकर सड़क पर उतरी भाजपा, समाहरणालय भी घेरा!
“हेमंत सरकार जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। सरकार द्वारा घोषित 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा केवल राजनीतिक छलावा बनकर रह गया है…
सरायकेला (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड में बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं को लेकर बढ़ते असंतोष के बीच भारतीय जनता पार्टी ने सरायकेला-खरसावां जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान के नेतृत्व में आयोजित इस घेराव कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर बिजली, पानी, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास योजनाओं में विफल रहने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार को कई मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित झारखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिनेशानंद गोस्वामी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार जनता की मूलभूत समस्याओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा घोषित 200 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा केवल राजनीतिक छलावा बनकर रह गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहरों में 10 से 12 घंटे तक बिजली गुल रहती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति इससे भी बदतर है। स्मार्ट मीटर व्यवस्था के नाम पर उपभोक्ताओं को भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। किसानों को बिना बिजली उपयोग के भी हजारों रुपये के बिल थमाए जा रहे हैं।
दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा कि लगातार बिजली कटौती से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। इसके बावजूद सरकार बिजली दरों में वृद्धि कर जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रही है।
उन्होंने हाल ही में राजनगर सदर अस्पताल में हुई एक दर्दनाक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑपरेशन के दौरान बिजली कट जाने से मोबाइल की रोशनी में इलाज जारी रखना पड़ा, जिसके कारण एक आदिवासी महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई। भाजपा नेताओं ने इसे राज्य की स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा नेता अभय सिंह ने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों को सदन से सड़क तक उठाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल-जल योजना को राज्य सरकार ने जानबूझकर धीमा कर दिया है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में योजना पूरी हो चुकी है, जबकि झारखंड में यह अब तक अधूरी पड़ी है।
जिला अध्यक्ष हरेकृष्ण प्रधान ने कहा कि राज्य सरकार ने 72 घंटे के भीतर चापाकलों की मरम्मत का दावा किया था, लेकिन वास्तविकता यह है कि राज्यभर में हजारों चापाकल खराब पड़े हैं। कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की गई है कि बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, बढ़ी हुई बिजली दरों को वापस लिया जाए, जले हुए ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए तथा फर्जी और अत्यधिक बिजली बिलों की जांच कर आम उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।
इसके अलावा बंद पड़े चापाकलों की युद्धस्तर पर मरम्मत, नल-जल योजना को शीघ्र पूरा करने, पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में जलापूर्ति शुरू कराने तथा अस्पतालों और छात्रावासों में बिजली-पानी की नियमित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की गई।
कार्यक्रम को संजय सरदार, अनंत राम टुडू, उदय सिंहदेव, रमेश हँसदा और रितिका मुखी ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर पूर्व उपमहापौर बॉबी सिंह समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान जिला मुख्यालय परिसर में भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था देखी गई। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।









