देशबिग ब्रेकिंगबिहारशिक्षा

अब शिक्षिकाओं की पोस्टिंग को लेकर बिहार शिक्षा विभाग की नई तैयारी

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार शिक्षा विभाग से सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षिकाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से गृह जिले अथवा घर के नजदीक पोस्टिंग की मांग कर रही शिक्षिकाओं की समस्या अब दूर होती दिख रही है।

शिक्षा विभाग ने महिला शिक्षकों को उनके गृह जिले में पदस्थापित करने की दिशा में गंभीर पहल शुरू कर दी है। विभागीय स्तर पर नई नियमावली तैयार की जा रही है, जिसके तहत जल्द ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से स्थानांतरण और पदस्थापन का नया दौर शुरू हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार शिक्षा विभाग ने इस विषय पर अब तक दो महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया है। इन बैठकों में महिला शिक्षकों की वर्तमान पोस्टिंग, लंबित आवेदन, रिक्त पदों की स्थिति तथा जिला-वार आवश्यकता का विस्तृत आकलन किया गया है।

विभाग अब सभी जिलों से रिपोर्ट मंगाकर यह पता लगा रहा है कि कितनी महिला शिक्षिकाएं अपने गृह जिले से बाहर कार्यरत हैं और कितनों ने स्थानांतरण के लिए आवेदन दिया हुआ है।

विधान परिषद से शुरू हुई थी बहसः महिला शिक्षकों की पोस्टिंग का मुद्दा हाल ही में बिहार विधान परिषद में भी जोरदार तरीके से उठा था। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सरकार से सवाल किया था कि आखिर महिला शिक्षकों को घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर क्यों नियुक्त किया जा रहा है।

उन्होंने कहा था कि पारिवारिक जिम्मेदारियों, बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए महिला शिक्षकों को घर के आसपास पोस्टिंग मिलनी चाहिए।

इस पर शिक्षा मंत्री ने सदन में जवाब देते हुए कहा था कि सरकार इस विषय पर गंभीरता से विचार कर रही है और सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। अब विभागीय गतिविधियों को देखकर माना जा रहा है कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने जा रही है।

ई-शिक्षा बिहार पोर्टल से होगा ऑनलाइन आवेदनः शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार ई-शिक्षा बिहार टीचर ट्रांसफर कोष पोर्टल के माध्यम से महिला शिक्षकों से पुनः ऑनलाइन आवेदन लिये जाएंगे। इसके लिए जल्द ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी हो सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की सिफारिश या दबाव की गुंजाइश कम हो।

बताया जा रहा है कि अगले माह से ट्रांसफर और पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। जून में होने वाली विभागीय बैठक में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा कर प्राथमिकता तय की जाएगी। गृह जिले में रिक्त पदों और विषयवार आवश्यकता के अनुसार शिक्षिकाओं को समायोजित करने की योजना बनायी जा रही है।

शिक्षिकाएं रोजाना लंबी दूरी तय करने को हैं मजबूरः वर्तमान व्यवस्था में भी गृह जिला को प्राथमिकता देने का दावा किया जाता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग है। बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं आज भी अपने घर से 80 से 200 किलोमीटर दूर तक नौकरी कर रही हैं। कई शिक्षिकाओं को रोज सुबह चार-पांच बजे घर से निकलना पड़ता है और देर शाम लौटना होता है।

ग्रामीण इलाकों में परिवहन सुविधा की कमी, सुरक्षा संबंधी चिंता, छोटे बच्चों की देखभाल और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण महिला शिक्षिकाओं को भारी मानसिक और शारीरिक दबाव झेलना पड़ता है। कई मामलों में शिक्षिकाएं किराये के मकान में अकेले रहने को मजबूर हैं, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।

शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा असरः विशेषज्ञों का मानना है कि महिला शिक्षकों को घर के पास पोस्टिंग मिलने से केवल उन्हें व्यक्तिगत राहत ही नहीं मिलेगी, बल्कि इसका सकारात्मक असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ेगा। लंबी दूरी तय करने की मजबूरी कम होने से शिक्षिकाओं की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी और वे स्कूलों में अधिक ऊर्जा एवं मनोयोग के साथ कार्य कर सकेंगी।

इसके अलावा महिला शिक्षकों के मानसिक तनाव में कमी आने से बच्चों की पढ़ाई पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। शिक्षा विभाग भी मानता है कि स्थायी और संतुलित कार्य वातावरण बेहतर शैक्षणिक परिणाम देने में मददगार साबित होता है।

नई नीति से हजारों शिक्षिकाओं को उम्मीदः राज्य में बड़ी संख्या में ऐसी महिला शिक्षक हैं, जो वर्षों से गृह जिला में स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रही हैं। कई बार आवेदन देने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिल सकी। अब नई नियमावली और डिजिटल प्रक्रिया की चर्चा के बाद शिक्षिकाओं में उम्मीद जगी है कि वर्षों पुरानी मांग पूरी हो सकती है।

हालांकि अंतिम निर्णय नई ट्रांसफर नीति के आधिकारिक प्रकाशन के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन विभागीय सक्रियता यह संकेत दे रही है कि बिहार सरकार महिला शिक्षकों की समस्याओं को लेकर अब गंभीर रुख अपनाने के मूड में है।

Expert Media News

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button