“बीपीएससी का यह कदम (BPSC Big Decision) सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को पुनर्स्थापित करने की दिशा में बड़ा सुधार है। हालांकि इससे अभ्यर्थियों को अधिक तैयारी और समय देना होगा, लेकिन अंततः यह बदलाव योग्यता बनाम जुगाड़ की लड़ाई में योग्यता को मजबूत करेगा…
पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार लोक सेवा आयोग ने पेपर लीक और परीक्षा में सेंधमारी की बढ़ती घटनाओं पर निर्णायक कदम उठाते हुए भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव (BPSC Big Decision) करने का संकेत दिया है। अब तक एक ही दिन में होने वाली “वन-डे” भर्ती परीक्षाएं भी दो चरणों में आयोजित की जाएंगी।
आयोग का यह फैसला हाल ही में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AIDO) और सहायक लोक स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन पदाधिकारी परीक्षाओं के रद्द होने के बाद सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए थे।
क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला? सूत्रों के अनुसार परीक्षा संचालन की सख्त व्यवस्थाओं के बावजूद कुछ अभ्यर्थियों और संगठित ‘सेटर गिरोहों’ द्वारा लगातार सेंधमारी के प्रयास किए जा रहे थे। इन प्रयासों का लक्ष्य एक ही परीक्षा के आधार पर नौकरी हासिल करना या दूसरों को दिलवाना होता था। यही वजह है कि आयोग ने अब ‘एक परीक्षा एक मौका’ वाली व्यवस्था को खत्म कर ‘दो चरण दो फिल्टर’ मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है।
नई प्रणाली कैसे करेगी काम? नई व्यवस्था के तहत पहला चरण (PT / प्रारंभिक परीक्षा) ऑब्जेक्टिव प्रश्नों पर आधारित होगी और इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों की संख्या को सीमित करना होगा। यह परीक्षा पटना सहित विभिन्न जिलों में आयोजित की जाएगी।
दूसरा चरण (मुख्य परीक्षा) यह भी ऑब्जेक्टिव होगी, लेकिन इसी के आधार पर अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। इसे केवल पटना के चुनींदा और सुरक्षित केंद्रों पर आयोजित किया जाएगा।
रणनीति के पीछे का तर्कः आयोग का मानना है कि एक ही परीक्षा से नियुक्ति होने पर गड़बड़ी करने वाले तत्व अधिक सक्रिय हो जाते हैं, क्योंकि उन्हें पता होता है कि एक बार सेटिंग सफल हुई तो नौकरी पक्की। लेकिन दो चरणों की परीक्षा में पहली परीक्षा पार करने के बाद भी दूसरी परीक्षा में सफल होना अनिवार्य होगा। हर स्तर पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ेगी। सेटिंग या लीक की संभावना काफी हद तक घटेगी।
शिक्षक भर्ती (TRE-4) भी अब बदलेगीः अब तक एक चरण में होने वाली शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE) का चौथा चरण यानी TRE-4 भी दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता तो बढ़ेगी, लेकिन समय भी दोगुना लग सकता है क्योंकि पूरी प्रक्रिया दो बार दोहरानी होगी।
नियमावली में बदलाव जरूरीः जो परीक्षाएं पहले रद्द हो चुकी हैं, उन्हें अब नए दो-चरणीय मॉडल में आयोजित किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित नियुक्ति नियमावली में संशोधन करना होगा और फिर से कैबिनेट की मंजूरी लेनी पड़ेगी। यही कारण है कि इन परीक्षाओं के आयोजन में कुछ देरी संभावित है।
सरकार और आयोग के बीच समन्वयः ध्यान देने वाली बात यह है कि बीपीएससी केवल परीक्षा आयोजित करता है, जबकि नियुक्ति प्रक्रिया और नियमावली का निर्धारण संबंधित विभाग करता है। आयोग ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर सभी भर्तियों में दो-चरणीय परीक्षा प्रणाली लागू करने का आग्रह किया है।
क्या बदलेगा इस फैसले से? पेपर लीक और फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। मेरिट आधारित चयन को बढ़ावा मिलेगा। परीक्षा प्रणाली में विश्वास बहाली होगी। अभ्यर्थियों के लिए अधिक प्रतिस्पर्धी माहौल दिखेगा।
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