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Saturday, September 25, 2021
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    बोले सीएम- अफसरशाही छोड़ें, सेवक बनें, मालिक नहीं

    “अफसरशाही छोड़ें। सरकार के काम को तीव्र गति से करें और जनता के कार्यों को उलझाने के बजाय सुलझाये। आप लोग जनता के सेवक है। मालिक की तरह व्यवहार नहीं करें….”

    रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)।  झारखंड के सीएम रघुवर दास ने कड़े तेवर अपनाये है। उन्होंने खास तौर पर झारखंड सरकार के अधिकारियों को चेताया है और कहा है कि वे लोग अफसरशाही छोड़े। सरकार के काम को तीव्र गति से करें और जनता के कार्यों को उलझाने के बजाय सुलझाये। यह मत भूले कि वे लोग जनता के सेवक है। मालिक की तरह व्यवहार नहीं करें।

    उक्त बातें सीएम ने सोमवार को झारखंड मंत्रालय के सभागार में आयोजित इज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग, फीडबैक बेस्ड बिजनेस रिफॉर्म एक्शन प्लान से संबंधित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहीं।

    उन्होंने कहा कि झारखंड को इज ऑफ डुइंग बिजनेस में देशभर में चौथा स्थान प्राप्त हुआ है। हमारा लक्ष्य है पहला स्थान पाना। लेकिन यह केवल कागजों पर ही न रहे। वास्तविकता में भी लोगों को इसका अनुभव होना चाहिए। ऐसी व्यवस्था बनायी गयी है कि लोगों को विभागों के चक्कर न काटने पड़े। इस मामले में किसी प्रकार की कोताही नहीं होनी चाहिए। जिन विभागों में अभी काम ऑफलाइन हो रहा है, वह इसे जल्द से जल्द ऑनलाइन करायें। अधिकारी अफसरशाही छोड़े। हम जनता के सेवक हैं, इस भावना के साथ काम करें।

    सीएम ने कहा कि अधिकारी काम को उलझाये नहीं। समस्या नहीं समाधान पर जोर दें। पूराने ढर्रे पर न चलते हुए नये भारत के निर्माण में अपना योगदान दें। ‍व्यापारी-उद्यमी हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। वे बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा करते हैं। राज्य में रोजगार पैदा होने से पलायन जैसा कलंक झारखंड से मिटेगा। यही हमारी सरकार का पहला लक्ष्य है।

    सीएम ने कहा कि पिछले 4 साल से भी कम समय में हमारी नीतियों से प्रेरित होकर राज्य में टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग इत्यादि कई उद्योग स्थापित हुए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 2 से 3 वर्ष के बीच राज्य में करोड़ों का निवेश हुआ है जिससे रोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं। वर्ष 2016 से अब तक जियाडा ने 430 उद्योगों को भूमि उपलब्ध कराया है, जिससे प्रत्यक्ष रूप से 60,778 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।

    सीएम रघुवर दास ने कहा कि इस बार राज्य की रैंकिंग के लिए भी उद्योगों के आधार पर पूछा जाएगा कि कितनी सरलता से आपने निवेशकों को लाइसेंस या अनापति दिया है। राज्य के इज ऑफ डूइंग बिजनेस पोर्टल पर सही और उचित जानकारी उपलब्ध है या नहीं। जितने नंबर उद्योग आपको देगी राज्य को भी इसी आधार पर अंक प्राप्त होंगे।

    उन्होंने कहा कि यह तो स्वाभाविक है कि राज्य के नियमों के अनुसार ही आप अनुमति प्रदान करते होंगे। अब यह कार्य अच्छे तरीके से सुगमता और पारदर्शिता को ध्यान में रखकर करने की जरूरत है। इस बार इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि रैंकिंग सिर्फ उद्योग के फीडबैक पर ही आधारित होगी। गत वर्ष में सरकार के नीतिगत सुधार और ऑनलाइन सिस्टम के माध्यम से मिले अधिक अंक रैंकिंग के तरीकों में बदलाव के कारण सब कुछ इस पर निर्भर करेगी कि आप लोग उद्योग लगाने के लिए कितनी सुगमता से जरूरी लाइसेंस या अनापत्ति प्रदान करने में सक्षम हो पाते हैं।

    लाल फीताशाही नहीं बल्कि लाल कार्पेट बिछाएः सीएम ने कहा कि बिजनेस के संदर्भ में नियम और कानून को सरल बनाएं। नियम और कानून मे लचीलापन आएगा तभी निवेशकों को सरकार के प्रति विश्वास बढ़ेगा। सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन हो और स्पष्ट हो यह सुनिश्चित करें। इच्छुक निवेशकों का स्वागत करें उन्हें लगना चाहिए कि झारखंड वास्तव में बदल रहा है। राज्य में बिजनेस का अनुकूल माहौल तैयार करें। प्रयास यह होना चाहिए कि राज्य की छवि का उदाहरण उद्योगपति दूसरों के सामने भी जाकर करें। निवेशकों को यह प्रतीत हो कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए झारखंड में रेड कार्पेट बिछाया है।

    सारी व्यवस्था ऑनलाइन होः मुख्य सचिव ने कहा कि अधिकारी निवेशकों के साथ ऐसा व्यवहार करें जैसा वे अपने परिवार के साथ करते हैं। उन्होंने कहा कि सारी व्यवस्था ऑनलाइन हो कोई भी कार्य ऑफलाइन नहीं स्वीकार की जाएगी।

    मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि सभी विभाग और कार्यालय प्रत्येक सोमवार सुबह 10:30 बजे अपनी आंतरिक समीक्षा बैठक करें। जो अधिकारी दायित्वों का निर्वहन समय सापेक्ष नहीं कर रहे उनके वार्षिक कार्य प्रतिवेदन में प्रतिकूल प्रविष्टि की जाए।

    मिला सम्मानः इस अवसर पर सीएम श्री रघुवर दास ने इज ऑफ डूइंग बिजनेस में अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों में ऊर्जा विभाग के मुख्य अभियंता बिजय कुमार सिन्हा, खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के कृष्णचंद्र चौधरी, उत्पाद विभाग के गजेंद्र कुमार सिंह, गृह कारा, अग्निशमन सेवा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सुधीर कुमार वर्मा, राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के साहब सिद्दीकी एवं झारखंड इंडस्ट्रियल एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी के सुनील कुमार सिंह को “सर्टिफिकेट ऑफ एक्सीलेंस” से सम्मानित किया।

    बैठक में राज्य के मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, सीएम के प्रधान सचिव डॉ सुनील कुमार वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय कुमार, उद्योग सचिव के रवि कुमार संबंघित विभाग के सचिव, निदेशक उद्योग, राज्य सरकार के अन्य विभागों के आला अधिकारी, सभी जिलों के सर्विस प्रोवाइडर एवं फील्ड ऑफिसर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।   

    यूं दो टूक बोले सीएम रघुबर दास…..

     

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