9 गांवों में एक साथ हुई पत्थलगड़ी में हजारों लोग शामिल

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हम आदिवासी खास लोग है। इस देश के मालिक है। सरकार हमें आधार कार्ड देकर आम नागरिक बनाना चाहती है। इसलिए हम लोगों ने निर्णय लिया है कि जो संस्थान आधार कार्ड की मांग करेगा, उसमें हम शामिल नही होंगे।”

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज। खूंटी जिले में रविवार को एक साथ नौ गांवों में पत्थलगड़ी की गई। इसमें ओमटो, हाकाडूबा, हाबुईडीह, बोंगामाद, कुरकुटटा, टोटादा, चींचल, सुकनडीह एवं लोबोदा गांव शामिल है। मुख्य समारोह हाकाडूबा के आम बगीचा में हुआ। जिसमें क्षेत्र के विभिन्न इलाकों व जिलों से हजारों लोग शामिल हुए।

सभा के मुख्य अतिथि डॉ. जोसेफ पूर्ति ने कहा कि इस देश में संविधान का अनुपालन नही हो रहा है। इसलिए एक साल से पत्थलगड़ी का कार्यक्रम चल रहा है।

उन्होंने कहा कि संविधान में क्या कानून है। क्या अधिकार है। उसी को पत्थर में अंकित कर, उसके माध्यम से ग्रामसभा को सशक्त करते हुए अपने लोगों को बता रहे है कि संवैधानिक का अधिकार क्या है।

डॉ पूर्ति ने कहा कि इसके माध्यम से अपने व्यवस्था को पहचानने का काम कर रहे है। सरकार इसे गलत मानती है। यह संविधान आदिवासियों का है। इस देश में गैर आदिवासियों को संविधान का अनुपालन करना है। आदिवासी इस देश के मालिक है।

उन्होंने कहा कि क्यों ना हमारा अपना स्कूल, कालेज, हॉस्पिटल एवं बैंक हो। उन्होंने कहा कि हम आदिवासी केंद्र सरकार से तंग आ चुके है।

उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार आदिवासियों के पक्ष में काम नहीं कर रही है। जब तक ये दोनों सरकार आदिवासियों के पक्ष में काम नहीं करती है तब तक हम सरकार का सहयोग नहीं करेंगे।

डॉ. पूर्ति ने कहा कि मुख्यमंत्री रघुवर दास कहते हैं कि पत्थलगड़ी करने वालों को हम पताल से भी ढूंढ लेंगे। यह उनका अपना पक्ष हो सकता है। लेकिन हम बताना चाहते हैं कि हम लोग पताल में नहीं बल्कि इसी गांव में है।

उन्होंने कहा कि अब तक खूंटी जिले में 150 से अधिक गांवों में पत्थलगड़ी हो चुकी है। यह आगे भी निरंतर तरीके से पत्थलगड़ी का कार्य जारी रहेगा।

सभा को बलराम समद, जोन जुनास तिडू समेत कई ग्राम प्रधान ने संबोधित करते हुए हक व अधिकार की बात कही।

इससे पूर्व अलग-अलग गांवो में पारंपरिक तरीके से पत्थलगड़ी किया गया। सभी पत्थलगड़ी कार्यक्रम में अतिथियों ने भाग लिया। मौके पर बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीण पारंपरिक वेशभूषा व हथियार तीर-धनुष के साथ उपस्थित हुए।

3 जून को होगी आदिवासी बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय भवन का शिलान्यास

आगामी तीन जून को मुरहू के उदबुरू गांव में पत्थलगड़ी समर्थकों द्वारा का आदिवासी बोर्ड के केंद्रीय कार्यालय भवन शिलान्यास किया जाएगा।

यह जानकारी डॉ. जोसेफ पूर्ति ने हाकाडूबा गांव में पत्रकारों को दी। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा द्वारा संचालित स्कूल इसी केंद्रीय कार्यालय से संचालित होगा। साथ ही बैंक ऑफ ग्रामसभा का भी शिलान्यास इसी दिन उदबुरू में होगा।

डॉ. पूर्ति ने एक सवाल के जबाब में कहा कि जिस तरह प्रशासन के लोग पत्थलगड़ी समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उसे देखते हुए हम आदिवासी छत्तीसगढ़ के तर्ज पर यहां भी जेल भरो अभियान शुरू करने जा रहे है। इस पर विचार चल रहा है।

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