शहीद टिकैत उमरांव सिंह व शेख भिखारी शहादत दिवस पर उमड़े लोग

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कौन थे शहीद टिकैत उमराव सिंह एवं शेख भिखारी

ओरमांझी (जलेश कुमार)। झारखंड के इतिहास में प्रसिद्ध टिकैत उमराव सिंह का जन्म ओरमांझी प्रखंड के खटंगा गांव में हुआ था। यह 12 गांव के जमींदार हुआ करते थे अंग्रेजों ने उनके घर को ढाह दिया था।

टिकैत उमराव सिंह हमेशा से शोषण तथा अत्याचार के खिलाफ रहे और इसके विरोध आवाज भी बुलंद कि इन्होंने 1857 ईस्वी के विद्रोह को पूरे छोटा नागपुर में फैलाया।

अमर शहीद शेख भिखारी ओरमांझी के राजा टिकैत उमराव सिंह जी के दीवान और कुशल सेनापति थे। उनका जन्म बूढ़मों के मक्का होफ्टे में 1819 में एक बुनकर अंसारी परिवार में हुआ था लेकिन उन्होंने अपना पूरा जीवन ओरमांझी के खुदिया में बिताया।

कहा जाता है कि उनकी तलवार में इतनी ताकत थी कि अंग्रेज कमिश्नर मैकडोनाल्ड ने इसका गजट में जिक्र किया था और उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में खतरनाक बागी करार दिया गया था।

अंग्रेजों से लड़ाई करते हुए इन दोनों को 6 जनवरी 1858 को घेरकर गिरफ्तार कर लिया और 7 जनवरी 1858 को उसी जगह चुट्टू पालू घाटी पर फौजी अदालत लगाकर उनकी वीरता और साहस से भयभीत अंग्रेजों ने अदालती कार्रवाई पूरे किए बिना शेख भिखारी और टिकैत उमराव को फांसी का फैसला सुनाया।

8 जनवरी 1858 को आजादी के दीवाने शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह को चुटट्पालू पहाड़ी के बरगद के पेड़ से लटका कर फांसी दे दी गई वह पेड़ आज भी सलामत है । यह पेड़ आज भी हमें उनकी याद दिलाता है।

जंगे आजादी 1857 की क्रांति के महानायक अमर शहीद टिकैत उमरांव सिंह शेख भिखारी का शहादत दिवस मनाया गया। रांची जिले के ओरमांझी में शहीद स्थल चुटूपालू घाटी स्थित बरगद के पेड़ व शहीद के गांव खटंगा में शहीद टिकैत उमरांव सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित कर देश के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले दोनों शहीद को याद किया गया।”

अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से पूर्व मुख्यमंत्री शिबु सोरेन, पूर्व उपमुख्यमंत्री सह आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो, पीएचईडी मंत्री चंद्रप्रकाश चौधरी, सांसद रामटहल चौधरी, विधायक रामकुमार पाहन, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू, पूर्व जिप अध्यक्ष सुन्दरी तिर्की, प्रभारी प्रमुख जयगोविंद उर्फ लालु साहू, आजसू केंद्रीय प्रकक्ता देवशरण भगत, जिप अध्यक्ष रामगढ़ ब्रहमदेव महतो, भाजपा जिला अध्यक्ष रणधीर चौधरी, आजसू रामगढ़ अध्यक्ष बबलु करमाली, सचिव मनोज महतो, जिप सदस्या ओरमांझी सरिता देवी, रिना केरकेट्टा, पूर्व प्रमुख चम्पा देवी, पूर्व उपप्रमुख मुंतजीर अहमद रजा,  झामुमो के खिजरी प्रभारी अंतु तिर्की,  बीडीओ मुकेश कुमार, सीओ राजेश कुमार आदि प्रमुख थे।

शिबु सोरेन ने की राज्य की खुशिहाली की कामना

इस मौके पर प्रांत के पूर्व मुख्यमंत्री एवं झामुमो सुप्रीमो शिबु सोरेन ने कहा कि देश व राज्य के लिए बलिदान देने वालों को सम्मान मिलना चाहिए। देश के लिए अपने जीवन को कुर्बान करने वाले शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करने पहुंचे हैं। राज्य में खुशिहाली रहे यही कामना करते हैं।

सुदेश महतो ने बताया प्रेरणास्रोत

आजसू सुप्रीमो सह पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो ने कहा कि अमर शहीद टिकैत उमरांव सिंह व शहीद शेख भिखारी की बलिदान हमेशा राज्य के लोगों को प्रेरणा देती रहेगी। अंग्रेजों के साथ शहीदों की लड़ाई व उनके बलिदान को सम्मान दिलाना वर्तमान की जिमेवारी है।

सुदेश महतो शहादत स्थल चुटूपालू घाटी जाने से पूर्व शहीद के गांव खटंगा भी गये। वहां अमर शहीद टिकैत उमरांव की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और बृद्ध व गरीब लोगों के बिच कंबल वितरण किया। जबकि चुटूपालू घाटी स्थित शहीद स्थल पर कांग्रेस पार्टी द्वारा भी कुछ लोगों के बीच कंबल वितरण किया गया।

सासंद ने कहा- नहीं थमे सम्मान की यह प्रक्रिया

सांसद रामटहल चौधरी ने कहा कि देश की अजादी के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले इन दोनों सुरमाओं पे पुरे झारखंड को गर्व है। उनके बलिदान को भुलाया नही जा सकता। देश के महापुरूषों को याद कर सम्मान देने की प्रक्रिया थमनी नही चाहिए।

ओरमांझी प्रखंड प्रभारी प्रमुख जयगोविंद उर्फ लालु साहू ने कहा कि शहीदों के नाम पर राजनीति नही उनका सम्मान होना चाहिए। राज्य विकास व राज्य वाशियों को खुशियॉ देकर शहीदों को सचि श्रद्धांजलि दी जा सकती है।

सदभावना के लिए सांसद संग दौड़े लोग

शहाद्त दिवस के औसर पर 8 जनवरी को शहीद टिकैत उमरांव सिंह शेख भिखारी सदभावना समिति ओरमांझी द्वारा एक सदभावना दौड़ का आयोजन किया। सदभावना दौड़ में सांसद रामटहल चौधरी के साथ विधायक रामकुमार पाहन, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य साहू, प्रभारी प्रमुख जयगोविंद साहू, सिल्ली डीएसपी सतीशचंद्र झा, फ्लोरेंस कॉलेज ऑफ नर्सिंग इरबा, सांई इनवर्सिटी कुच्चू व सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा भी शामिल थे।

यह सदभावना दौड़ शास्त्री चौक ओरमांझी से थाना चौक ओरमांझी तक गई। वहीं से पुन: वापस शास्त्री चौक पहुंच कर अमर शहीद टिकैत उमरांव सिंह शेख भिखारी की तस्वीर व लालबहादूर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।

इस मौके पर सांसद ने कहा कि शहीदों को याद कर व उनके सम्मान में सदभावना दौड़ कराना अच्छी पहल है। बच्चे भी देश के महानायकों को पहचाने और उन्हे सम्मान दे इसके लिए इस तरह का आयोजन करना जरूरी है।

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