फॉरेस्टर के आचरण को लेकर फुटपाथ दुकानदारों का धरना-प्रदर्शन

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एक्सपर्ट मीडिया न्यूज । नालंदा फुटपाथ दुकानदार अधिकार मंच द्वारा राजगीर वन विभाग के फॉरेस्टर नीरज कुमार के कथित भ्रष्ट आचरण के विरोध में वेणु वन मुख्य द्वार पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयेजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता मंच के संरक्षक उमराव प्रसाद निर्मल ने की।

धरना को संबोधित करते हुये मंच के समन्वयक अमित कुमार पासवान ने कहा कि राजगीर में वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा प्रत्येक वर्ष अवैध रुप से सूखे पेड़ों की बिक्री की जाती है, जिस पर विभाग के बड़े अधिकारी मौन रहते हैं। लेकिन जो फुटपाथ दुकानदार अपना स्वरोजगार कर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को सस्ते दर पर विभिन्न तरह की सामग्री उपलब्ध कराते हैं, उनसे फॉरेस्टर नीरज कुमार जैसे लोग चंदा वसूली करते हैं। इसे कतई बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

श्री पासवान ने कहा कि बिहार-भारत सरकार देश के प्रत्येक नागरिक को स्वावलंबी बनाने के लिये युद्ध स्तर पर कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर वन विभाग के अधिकारी पथ बिक्रेता कानून अधिनियम-2014 की धज्जियां उड़ाते हुये फुटपाथ दुकानदारों को रोजगार से बेदखल करना चाहते हैं।

इसके पूर्व मंच के संरक्षक उमराव प्रसाद निर्मल ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि वन विभाग के भ्रष्ट अफसरों के द्वारा स्वरोजगार कर रहे फुटपाथ दुकानदारों पर भारती वन अधिनियम 1989, 1927 की धारा 52 (4) ए के अंतर्गत अतिक्रमण के तहत गोरे यादव, जितेन्द्र कुमार, विपिन कुमार, सकल साव के आलावे दर्जनों दुकानदारों पर मुकदमा किया गया है, जो कि न्यायसंगत नहीं है।

मंच के राजगीर अध्यक्ष गोपाल भदानी ने फुटपाथ दुकानदारों पर किये गये मुकदमा वापस लेने, अतिक्रमण के नाम पर रोजगार से बेदखल पर रोक लगाने, वन विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को वर्खास्त करने मांग की। साथ ही यह चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर तेज आंदोलन किया जाएगा।

धरना के अंत मांगो को लेकर 11 सदस्यीय शिष्टमंडल जिला वन पदाधिकारी से मुलाकात की और उनके आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।

इस मौके पर मंच के मीडिया प्रभारी रमेश कुमार पान, नागेन्द्र यादव, सुरेन्द्र चौधरी, राजूकुमार, विजय यादव,शंकर कुमार, नंद किशोर प्रसाद, वृजनंदन प्रसाद, सरोज देवी, मनोज यादव, शशि भूषण राजवंशी, मंजू देवी, अजय यादव, विनोद यादव आदि लोग मौजूद थे।    

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