पत्रकारों की सुरक्षा के प्रति गंभीर है झारखंड पुलिसः डीजीपी

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रांची (न्यूज डेस्क)। आज दोपहर ठीक 12 बजे झारखंड यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के तत्वाधान में गिरिडीह के पत्रकार हत्या कांड, पाकुड़ के दैनिक जागरण के पत्रकार पर जानलेवा हमला, हिंदुस्तान के सीनियर जर्नलिस्ट ललन पांडेय पर हमला और फर्जी मुकदमा दर्ज करने के मद्देनजर तथा अन्य घटनाओं को दृष्टिगत करते हुए संगठन ने पुलिसिया कार्रवाई पर जबरदस्त आपत्ति दर्ज की और निष्पक्ष जांच करते हुए अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

पत्रकारों का 15 सदस्यीय दल जेयूजे के प्रेदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ संपादक पत्रकार डॉ. रजत गुप्ता के नेतृत्व में डीजीपी डीके पांडेय, वरीय पुलिस पदाधिकारी शम्स तबरेज़ और ज़ोनल आईजी नवीन कुमार सिंह से मिलकर पत्रकारों पर हमलों को रोकने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग ज्ञापन सौंप कर किया।

जेयूजे ने डीजीपी साहब से मांग किया कि झारखंड के सम्पूर्ण थानों को पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश भी लिखित रूप से दिया जाए जिसकी प्रतिपुष्टि भी डीजीपी साहब ने किया, और कहा कि जेयूजे लिखित में यह दे सूचना दे, झारखंड के सारे थानों को लिखित रूप से पुलिस मुख्यालय के द्वारा ये पत्र और निर्देश भेज दिया जाएगा।

वहीं जोनल आईजी ने वरिष्ठ पत्रकार ललन पांडेय पर हुए हमले और उन पर दर्ज किए गए नन बेलेवल धाराओं को जांच के हटाने की बात कही, कहा कि वरीय अधिकारियों के द्वारा जांच कराया जाएगा और केस को निरस्त किया जाएगा।

डीजीपी डीके पांडेय ने संगठन को आश्वस्त किया कि पुलिस पत्रकारों की सुरक्षा के लिए गम्भीर है और जेयूजे के अधिकारी कभी उन्हें सूचना दे सकते हैं इसके लिए डीजीपी साहब ने संगठन को अपना वाट्सप नम्बर भी उपलब्ध कराया।

प्रतिनिधिमंडल में जेयूजे के प्रदेश अध्यक्ष रजत कुमार गुप्ता, महासचिव शिवकुमार अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार लालन पांडेय, टीवी जर्नलिस्ट अरविंद प्रताप, राजनामा के सम्पादक मुकेश भारतीय, वरिष्ठ पत्रकार प्रताप सिंह, लालन पांडेय, रंगनाथ चौबे , रजनीकांत चौबे ,चंद्रकांत गिरी , काली चरण साहू, जावेद अख्तर , विजय मिश्रा सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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