इस शर्मनाक तस्वीर का जिम्मेवार कौन? पंडा समिति या राजगीर प्रशासन

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“जहां एक तरफ बिहार सरकार महिलाओं के चहुमुखी विकास के लिए नित्य नए दावे और नई योजनाएं जारी करती है, वही उस विकास की यह तस्वीर काफी शर्मसार करती है।“

बिहार शरीफ (राजीव रंजन)। यह तस्वीर उस बिहार की पर्यटन नगरी राजगीर की है, जहां विकास पुरुष के नाम से शुमार सीएम नीतीश कुमार करोड़ों की योजनाओं का शिलान्यास कर धरातल पर लाते हैं। जहां से विधायक कभी खाखी के शहंशाह कहे जाने वाले रवि ज्योति अब खादी के लिबास में है।

यह शर्मनाक तस्वीर उसी पर्यटन नगरी राजगीर की है जहां पर्यटक महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए कुंड प्रक्षेत्र में अलग से कमरे का निर्माण कराया गया है। अफसोस इस कमरे में ताला लटका हुआ रहता है, जिससे पर्यटक महिलाओं को वस्त्र बदलने में काफी परेशानियां झेलनी पड़ती है।

यहां राज्य ही नहीं देश अपितु विदेश के भी पर्यटक महिलाएं पहुंचती हैं जो गर्म जल कुंड में स्नान करते हैं और कपड़े बदलने के लिए उन्हें सोचना पड़ता है। जबकि पर्यटक महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए कुंड क्षेत्र में दर्जनों कमरा बनाया गया है, मगर सभी कमरा में ताला लटका हुआ है और इसकी सुध ना तो कुंड क्षेत्र के पंडा समिति को है और ना ही राजगीर अनुमंडलीय प्रशासन की।

जबकि पर्यटन नगरी राजगीर के कुंड प्रक्षेत्र से करोड़ों की कमाई पंडा समितियों को होती है। इस तरह का व्यवहार महिला पर्यटकों के साथ क्यों किया जाता है? इसके जिम्मेवार पंडा समिति है या राजगीर अनुमंडलीय प्रशासन?

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