नालंदाः लोक शिकायत पर एक साल बाद मिला मृतक के परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा !

 
नालंदाः लोक शिकायत पर एक साल बाद मिला मृतक के परिजनों को 4-4 लाख का मुआवजा !

इसलामपुर (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। नालंदा जिला के इसलामपुर प्रखंड के पचलोवा गांव निवासी उमेश महतो के पुत्र कुंदन कुमार और कारू महतो के पुत्र नीतीश कुमार की मौत ट्रैक्टर दुर्घटना में वर्ष 2020 में गया था।

तब तत्कालीन सीओ नलिनी पुष्पराज ने दोनों परिजनों को 4-4 लाख का चेक भी दिया था। इस दौरान समाजसेवी विकास आनंद पांच महीने बाद कोरोना वैक्सीन जागरूकता के दरम्यान पचलोवा गांव पहुंचे और कुंदन, नीतीश के परिजनों से भेंट किया। तब पता चला कि चेक मिला है। लेकिन राशि का भुगतान नहीं हुआ।

इस पर उन्होंने दुःख व्यक्त किया और मृतक परिजनों ने स्थानीय अधिकारियों पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफआईआर कॉपी सब कार्यालय में जमा कर दिए जाने बाद भी बार-बार दौड़ाया जा रहा है। परंतु मुआवजा नहीं मिल रहा है।

इस मामले को समाजसेवी श्री आनंद ने इसे गंभीरता से लिया और उन्होंने बताया कि इस संबंधित अधिकारियों को लोक प्राधिकार बनाते हुए लोक शिकायत में पत्र भेजा।

इस पत्र के जवाब में अंचलाधिकारी ने कहा कि अंचल कार्यालय में उक्त राशि उपलब्ध नहीं रहने के कारण अनुग्रह अनुदान राशि नहीं मिल पाया है। और अंततः एक लम्बे प्रयास के बाद दिसम्बर 2021 में परिजनों को 4-4 लाख अनुग्रह अनुदान राशि मिल गया है।

इस मौके पर विकास आनंद ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना मौत के बाद मुआवजा के लिए सड़क जाम करने के जगह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफआईआर रिपोर्ट प्रतिवेदन पर ध्यान देना चाहिए।

सड़क जाम करने के बाद अंचलाधिकारियों द्वारा जो दबाव में चार लाख का चेक दिया जाता है। ज्यादातर वह मामले को शांत करने के लिए दिया जाता है। परंतु चेक भंजते नहीं है। मुआवजा के लिए पोस्टमार्टम और एफआईआर रिपोर्ट जरुरी है। तभी मृतक परिजनो को लाभ मिल सकता है।