झारखंडः सूबे में स्टेडियम, पार्क, जिम, स्वीमिंग पूल, पर्यटक स्थल, शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद

 
झारखंड लॉकडाउन कोरोना विभाग

रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क डेस्क)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आपदा प्रबंधन विभाग की हुई बैठक के बाद झारखंड राज्य में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर हेमंत सरकार ने कई पाबंदियां लगायी है।

आपदा प्रबंधन की बैठक में तय किया गया है कि राज्य में स्टेडियम, पार्क, जिम, स्वीमिंग पूल, पर्यटक स्थल अगले आदेश तक बंद रहेंगे। शिक्षण संस्थान अगले आदेश तक बंद रहेंगे। 50 फीसदी क्षमता के साथ प्रशासनिक कार्य कर सकेंगे।

मॉल, रेस्टोरेंट, बैंक्वेट हॉल अपनी क्षमता के आधे पर काम करेंगे या अधिकतम 100 लोगों को शामिल किया जा सकेगा। दुकानें रात 8 बजे तक खुली रहेंगी।

दवा दुकानें, बार, रेस्टोरेंट पहले की तरह चलेंगे। सभी पाबंदियां 15 जनवरी तक लागू रहेंगी। धर्मिक स्थलों पर पहले का आदेश लागू रहेगा।

आज सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की आपात बैठक में यह निर्णय लिया गया।

आपदा प्रबंधन मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि फिलहाल नाईट कर्फ्यू पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

उन्होंने कहा कि हम सबों के लिए चिंता का विषय है। कोरोना की बढ़ती क्षमता को देखते हुए सरकार ने निर्णय लिया है।

जाने किन चीजों पर लगी है पाबंदीः

  • दुकानें रात 8 बजे तक ही खुली रहेंगी
  • शादी में केवल 50 लोगों को शामिल होने की अनुमति
  • शव यात्रा में केवल 50 लोग जा सकेंगे
  • सोशल गैदरिंग में केवल 50 की परमिशन
  • गैर जरूरी दुकानें अल्टरनेट डे पर खुलेगी
  • रविवार को गैर जरूरी दुकानें पूरी तरह से बंद
  • पार्क, जिम,पर्यटन स्थल,स्टेडियम,स्विमिंग पूल बंद रहेंगे
  • ऑफिस में 50 परसेंट अटेंडेंस के साथ होगा काम
  • बायोमेट्रिक अटेंडेंस पर रोक
  • दवा दुकान,बार रेस्टोरेंट पहले की तरह खुली रहेंगी।
  • धर्मिक स्थलों पर पहले का आदेश लागू रहेगा।
  • मॉल अपनी क्षमता के आधे पर खुलेंगे।
  • धर्मिक स्थलों पर पहले का आदेश लागू रहेगा।
  • दूसरे राज्यों से आने वालों को 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट जरूरी
  • दूसरे राज्यों से आने वालों के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जरूरी

रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के सेक्रेटरी को पत्र लिखकर सुझाव दिया था। जिसमें 15 जनवरी तक नाइट कर्फ्यू लगाने के अलावा कई तरह की सेवाओं को बंद करने की बात कही थी।

ढाई घंटे चली इस बैठक में कुछ बदलाव के साथ प्राधिकार ने स्वास्थ्य विभाग के ज्यादातर सुझाव को लागू कर दिया है। सरकार ने ऐसा निर्णय कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लिया है।

बैठक में आपदा विभाग के मंत्री बन्ना गुप्ता, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, अपर मुख्य सचिव अरुण कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, विनय चौबे, अजय सिंह, रमेश गोरख घोलप समेत कई आला अधिकारी मौजूद थे।