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यूजीसी नेट जून 2024 का रिजल्ट जारी, पहली बार 3 कैटेगरी में घोषित हुए परिणाम

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने यूजीसी नेट जून 2024 के परिणाम जारी कर दिए।  जिसमें कुल 6.84 लाख परीक्षार्थियों में से केवल 4,970 उम्मीदवारों को जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ) के लिए क्वालिफाई करने का मौका मिला है। इस बार एनटीए ने पहली बार परिणामों को तीन कैटेगरी- जेआरएफ, असिस्टेंट प्रोफेसर और पीएचडी के लिए जारी किया है, जो इस परीक्षा के इतिहास में एक नया अध्याय है।

परीक्षा और परिणाम का विवरणः यूजीसी नेट जून 2024 के लिए कुल 11,21,225 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया था, लेकिन इनमें से केवल 6,84,224 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। एनटीए ने 21 अगस्त से 5 सितंबर 2024 के बीच 83 विषयों में कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) के माध्यम से इस परीक्षा का आयोजन किया था।

एनटीए ने सबसे पहले फाइनल आंसर-की जारी की, जिसके तुरंत बाद रिजल्ट घोषित कर दिया गया। परीक्षार्थी अपना स्कोरकार्ड एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट ugcnet.nta.ac.in पर जाकर अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि डालकर देख सकते हैं।

तीन कैटेगरी में परिणामः इस बार एनटीए ने परिणामों को तीन मुख्य श्रेणियों में विभाजित किया है-

  1. जूनियर रिसर्च फेलोशिप (जेआरएफ): केवल 4,970 अभ्यर्थियों ने इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए क्वालिफाई किया है, जो कुल परीक्षार्थियों का एक बहुत छोटा हिस्सा है।
  2. असिस्टेंट प्रोफेसर: इस कैटेगरी के लिए 53,694 परीक्षार्थियों ने क्वालिफाई किया है, जिससे वे भारत के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में शिक्षक बनने के योग्य हो गए हैं।
  3. पीएचडी: कुल 1,12,070 अभ्यर्थियों ने पीएचडी प्रोग्राम में प्रवेश के लिए क्वालिफाई किया है, जो इस बार के परिणाम में एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारीः रिजल्ट के स्कोर कार्ड में उम्मीदवारों को उनके स्कोर और पर्सेंटाइल के आधार पर यह जानकारी मिलती है कि वे असिस्टेंट प्रोफेसर, जेआरएफ, दोनों या सिर्फ पीएचडी के लिए क्वालिफाई हुए हैं। परिणाम देखने के लिए उम्मीदवारों को अपना एप्लीकेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी।

एनटीए की यह परीक्षा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अध्यापन और रिसर्च में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है और इसमें सफलता प्राप्त करना बेहद कठिन माना जाता है।

वेशक यूजीसी नेट जून 2024 का यह परिणाम उन विद्यार्थियों के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है, जिन्होंने उच्च शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखा है। हालांकि इस बार की परीक्षा में जेआरएफ के लिए सीमित संख्या में चयनित उम्मीदवारों की संख्या ने प्रतिस्पर्धा की गंभीरता को और स्पष्ट कर दिया है।

इस परीक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्रों के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है और असिस्टेंट प्रोफेसर या रिसर्च के क्षेत्र में उन्हें अपने भविष्य के लिए नए दरवाजे खुलते हुए दिख रहे हैं।

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वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

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