नवीन केडिया की फरारी मामले में ACB का बड़ा एक्शन, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में फरार आरोपी नवीन केडिया को लेकर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है।

आरोपी की निगरानी में लापरवाही बरतने के आरोप में एसीबी ने इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एसीबी की एडीजी प्रिया दूबे के स्पष्ट निर्देश पर की गई है, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया है।

सस्पेंड किए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मियों में एसीबी में पदस्थापित इंस्पेक्टर विजय केरकेट्टा, सब-इंस्पेक्टर शशिकांत, सब-इंस्पेक्टर राहुल, एएसआई राजू रंजन के अलावा चार आरक्षी शामिल हैं।

इनमें से राहुल और राजू रंजन सहित चार आरक्षी रांची एवं अन्य जिला बलों से संबद्ध हैं। सभी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया गया है। जांच में आरोप प्रमाणित होने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि शराब घोटाले के इस मामले में एसीबी की टीम ने 7 जनवरी को गोवा में छापेमारी कर आरोपी नवीन केडिया को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने उसे ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड लाने के लिए गोवा कोर्ट में पेश किया। हालांकि, कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तों के साथ चार दिनों की ट्रांजिट बेल प्रदान की थी।

ट्रांजिट बेल मिलने के बाद नवीन केडिया गोवा से अपने छत्तीसगढ़ स्थित आवास लौट गया। कोर्ट के आदेशानुसार, संबंधित पुलिस पदाधिकारियों और जवानों को चार दिनों तक उसके घर पर रहकर कड़ी निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेकिन इसी अवधि के दौरान नवीन केडिया घर से निकल गया और फिर वापस नहीं लौटा।

गोवा कोर्ट के निर्देश के अनुसार नवीन केडिया को 12 जनवरी तक एसीबी के समक्ष आत्मसमर्पण करना था, लेकिन उसने न तो सरेंडर किया और न ही कोर्ट द्वारा तय की गई शर्तों का पालन किया। इसके बाद एसीबी ने उसे पुनः फरार घोषित कर दिया।

इस पूरे घटनाक्रम ने एसीबी की निगरानी व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माना जा रहा है कि विभागीय जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि आरोपी की फरारी में लापरवाही थी या फिर जानबूझकर आंख मूंदी गई।

सूत्रों के अनुसार एसीबी अब नवीन केडिया की गिरफ्तारी के लिए नई रणनीति पर काम कर रही है और जल्द ही उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट तथा अन्य कानूनी प्रक्रियाएं तेज की जा सकती हैं। वहीं सस्पेंड पुलिसकर्मियों की भूमिका की गहन जांच के बाद इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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