ट्रांजिट बेल तोड़ने पर नवीन केडिया की 5 लाख की जमानत जब्त, ACB का लुक आउट नोटिस जारी

रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड के बहुचर्चित शराब घोटाले में फरार चल रहे छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया पर अब कानूनी शिकंजा और कसता जा रहा है। गोवा की एक अदालत ने ट्रांजिट बेल की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में केडिया के पांच लाख रुपये के बेल बॉन्ड को जब्त करने का आदेश दे दिया। अदालत ने इसे न्यायिक आदेश की अवहेलना और गंभीर उल्लंघन मानते हुए यह कठोर कदम उठाया।

स्पा सेंटर से गिरफ्तारी, फिर बेल और फरारी

झारखंड एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने नवीन केडिया को 8 जनवरी को गोवा के एक स्पा सेंटर से गिरफ्तार किया था। बताया जाता है कि वह वहां मसाज कराते समय पकड़ा गया। अगले दिन यानी 9 जनवरी को उसे गोवा की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 12 जनवरी तक चार दिन की ट्रांजिट बेल दी गई थी।

अदालत ने साफ शर्त रखी थी कि इस अवधि के भीतर केडिया को रांची स्थित एसीबी के अनुसंधान अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण करना होगा और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ना होगा। लेकिन बेल मिलने के बाद से ही वह लापता हो गया। न वह रांची पहुंचा और न ही जांच एजेंसी के सामने पेश हुआ।

छापेमारी के बावजूद सुराग नहीं

केडिया की फरारी के बाद झारखंड पुलिस और एसीबी ने छत्तीसगढ़ स्थित उसके कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की, लेकिन उसका कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। पूरी स्थिति की रिपोर्ट गोवा अदालत को सौंपी गई, जिसके आधार पर अदालत ने बेल बॉन्ड जब्त करने का आदेश पारित किया।

शराब आपूर्ति में गड़बड़ी का आरोप

नवीन केडिया छत्तीसगढ़ डिस्टलरी नामक देसी शराब निर्माण कंपनी का संचालक बताया जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, झारखंड में पूर्व उत्पाद नीति के दौरान उसकी कंपनी को देसी शराब की आपूर्ति का ठेका मिला था। आरोप है कि इस दौरान निम्न गुणवत्ता की शराब की सप्लाई की गई, जिसमें शीशे के कण तक पाए गए थे।

इस कथित अनियमितता से राज्य सरकार को लगभग 136 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। यह मामला सामने आने के बाद से ही एसीबी इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।

पूर्व उत्पाद सचिव से करीबी संबंध

जांच में यह भी सामने आया है कि केडिया का नाम उत्पाद विभाग के पूर्व प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे के करीबी सहयोगी के रूप में जुड़ रहा है। आरोप है कि चौबे के कार्यकाल में बनी उत्पाद नीति से केडिया की कंपनी को लाभ मिला।

एसीबी ने इस मामले में नवंबर 2025 में विनय चौबे समेत 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अब जांच का फोकस आय से अधिक संपत्ति के पहलू पर भी है।

आय से अधिक संपत्ति की जांच तेज

एसीबी को जांच में जानकारी मिली है कि विनय चौबे की वैध आय लगभग 2.20 करोड़ रुपये थी, जबकि उनके और उनसे जुड़े लोगों के खातों में 3.47 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और नकद लेन-देन का पता चला है।

आरोप है कि कथित अवैध कमाई को रिश्तेदारों, शेल कंपनियों और रियल एस्टेट निवेश के जरिए सफेद करने की कोशिश की गई।

इसी सिलसिले में एसीबी ने चौबे के चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। उसे बुधवार को एसीबी मुख्यालय में पेश होने को कहा गया है।

लुक आउट नोटिस, विदेश भागने की आशंका

फरार केडिया के खिलाफ एसीबी ने लुक आउट नोटिस जारी करवाया है। सीबीआई के माध्यम से देश के सभी एयरपोर्ट को सतर्क किया गया था कि वह जहां भी दिखे, उसे तुरंत रोका जाए। इसके बावजूद खुफिया सूत्रों के हवाले से आशंका जताई जा रही है कि वह देश से बाहर निकल चुका है।

अब संपत्ति कुर्की की तैयारी

जांच एजेंसी अब अदालत से अनुमति लेकर केडिया की संपत्ति की कुर्की–जब्ती की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक दबाव बनाकर ही उसे कानून के दायरे में लाया जा सकता है।

झारखंड के इस बहुस्तरीय शराब घोटाले ने प्रशासनिक तंत्र, उत्पाद नीति और कारोबारी गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में एसीबी की कार्रवाई इस मामले में कई और परतें खोल सकती है।

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज के लिए रांची से मुकेश भारतीय की रिपोर्ट

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

संबंधित खबरें

ताजा खबरें

सर्वजन खबरें