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हाथियों की झुंड ने चुरचू में 2 मासूम समेत 7 लोगों को कुचलकर ली जान

दुर्लभ और खौफ़नाक रात: चुरचू के दो गांवों में जंगली हाथियों ने आतंक मचा दिया, दो मासूम बच्चों समेत 7 लोगों की दर्दनाक मौत

हजारीबाग (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड में देर रात जंगली हाथियों के हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया। अलग-अलग घटनाओं में दो मासूम बच्चों समेत कुल सात लोगों की जान चली गई। इस भीषण हादसे के बाद प्रभावित गांवों में मातम पसरा है, वहीं लोग दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं।

पहली और सबसे भयावह घटना चुरचू की आंगो पंचायत अंतर्गत गोंदवार भुइयां टोली में घटी, जहां पांच जंगली हाथियों के झुंड ने आधी रात के बाद गांव में प्रवेश किया। रात करीब दो बजे हाथियों ने अचानक घरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सबसे पहले धनेश्वर राम का घर तोड़ा गया। घर गिरने की आवाज सुनकर जब धनेश्वर राम बाहर निकले तो हाथियों ने उन्हें कुचल कर मार डाला।

इसके बाद हाथियों ने सबिता देवी के घर की चहारदीवारी तोड़ दी। इस दौरान सबिता देवी, उनकी चार वर्षीय बेटी संजना कुमारी और आठ माह का पुत्र अनुराग कुमार हाथियों की चपेट में आ गए। सबिता देवी और मासूम अनुराग की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल संजना को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी जान चली गई। इसी अफरातफरी में गांव के सूरज राम भागने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन हाथियों ने उन्हें भी कुचल दिया।

इस घटना में कुल छह लोगों की मौत हुई, जिनमें बड़कागांव निवासी बसंत कुमार की पत्नी सुमन देवी (31 वर्ष), गोंदवार भुइयां टोली की सबिता देवी (22 वर्ष), संजना कुमारी (4 वर्ष), अनुराग कुमार (8 माह), धनेश्वर राम (44 वर्ष) और सूरज राम (50 वर्ष) शामिल हैं। पांच लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि एक बच्ची ने अस्पताल में दम तोड़ा।

दूसरी घटना चुरचू की बहेरा पंचायत के कजरीटोली गांव में हुई, जहां हाथियों के हमले में फूलमनी देवी (50 वर्ष) की जान चली गई। बताया जा रहा है कि वह घर के पास ही थीं, तभी हाथियों ने अचानक हमला कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की आवाजाही लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए। इस हादसे के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति आक्रोश है और वे हाथियों से सुरक्षा के लिए स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सरकारी मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। साथ ही प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ाने और हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास तेज करने की बात कही है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में भय और शोक का माहौल है, और लोग रातें जागकर काटने को मजबूर हैं।

समाचार स्रोत: मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्ट्स

Expert Media News

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

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