
रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। सच की आवाज को दबाने और खोजी पत्रकारिता को डराने का एक और कायराना प्रयास रांची जिले के ओरमांझी में देखने को मिला है। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क के संचालक एवं प्रधान संपादक मुकेश भारतीय के एनएच-33 फोरलेन किनारे स्थित आवासीय कार्यालय परिसर को निशाना बनाकर की गई बमबाजी की घटना ने चौथे दिन पुलिस प्रशासन को नींद से जगा दिया है। गुरुवार, 5 नवंबर को ओरमांझी थाना प्रभारी मनोज कुमार सिन्हा भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की गहन तफ्तीश शुरू की।
1 नवंबर की रात: सन्नाटे को चीरता हुआ धमाका और भागती कार
वारदात बीते 1 नवंबर की रात करीब 10:45 बजे की है। रोज की तरह एनएच-33 फोरलेन पर गाड़ियां गुजर रही थीं, तभी एक अज्ञात कार आवासीय कार्यालय परिसर के पास रुकी और देखते ही देखते वहां एक जोरदार धमाका हुआ। कार सवार बदमाशों ने सीधे परिसर को निशाना बनाकर बमबाजी की थी। उस समय वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय घर पर ही मौजूद थे। हालांकि, इस अचानक हुए धमाके से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
सीसीटीवी की तीसरी आंख खंगाल रही पुलिस, नव होंडा शोरूम के कैमरों पर नजर
घटना के चौथे दिन जांच करने पहुंचे थाना प्रभारी मनोज कुमार सिन्हा ने सबसे पहले पत्रकार के परिजनों से मुलाकात की और उस खौफनाक रात की पूरी जानकारी ली। इसके बाद पुलिस ने आवासीय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को अपने कब्जे में लिया।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने बगल में स्थित पूर्व सांसद रामटहल चौधरी के भवन में संचालित ‘नव होंडा शोरूम’ के सीसीटीवी कैमरों की भी बारिकी से पड़ताल की। पुलिस को उम्मीद है कि इन कैमरों की ‘तीसरी आंख’ में हमलावरों की कार का नंबर या उनकी संदिग्ध आवाजाही का कोई पुख्ता सुराग जरूर कैद हुआ होगा। थाना प्रभारी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को पूरी सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया है।
ग्रामीण एसपी की ‘दो टूक’ के बाद हरकत में आई ओरमांझी पुलिस
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहा था। वारदात के शुरुआती तीन दिनों तक पुलिस का रवैया बेहद सुस्त और ढुलमुल रहा, जिससे मीडिया जगत में भारी नाराजगी थी। आखिरकार, गुरुवार सुबह खुद पत्रकार मुकेश भारतीय ने मोर्चा संभाला और रांची के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) से सीधे संपर्क साधा।
मुकेश भारतीय ने ग्रामीण एसपी के सामने स्थानीय पुलिस की शिथिलता को लेकर दो टूक बात की और अपनी तीखी नाराजगी दर्ज कराई। ग्रामीण एसपी के कड़े निर्देश और मामले में सीधे दखल के बाद ही ओरमांझी पुलिस महकमे में हड़कंप मचा और आनन-फानन में थाना प्रभारी खुद दल-बल के साथ जांच तेज करने मौके पर पहुंचे।
खोजी पत्रकारिता, नेवरी मौजा विवाद और भू-माफियाओं का कनेक्शन?
एक्सपर्ट मीडिया न्यूज के माध्यम से मुकेश भारतीय लंबे समय से बेखौफ होकर खोजी पत्रकारिता कर रहे हैं। रांची और आसपास के इलाकों में सक्रिय भू-माफिया, कथित बड़े जमीन घोटाले और प्रशासनिक भ्रष्टाचार हमेशा उनकी खबरों के रडार पर रहे हैं। हाल के दिनों में नेवरी मौजा जमीन विवाद सहित कई गंभीर प्रशासनिक व कानूनी मामलों में उनकी लगातार सक्रियता और तीखे तेवरों ने कई रसूखदारों की नींद उड़ा रखी थी।
माना जा रहा है कि उनके द्वारा लगातार किए जा रहे भंडाफोड़ से बौखलाए असामाजिक तत्वों और भू-माफियाओं ने ही उन्हें डराने और सच की आवाज को दबाने के लिए इस जानलेवा हमले की साजिश रची है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि वे हर एंगल से जांच कर रहे हैं और जल्द ही पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
चौथे स्तंभ पर हमला: पुलिसिया कार्रवाई की अग्निपरीक्षा
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर इस तरह का हमला सिर्फ एक पत्रकार पर नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है। घटना के चार दिनों तक पुलिस की सार्वजनिक सक्रियता न दिखना कानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाता है। अब जब मामला ग्रामीण एसपी के संज्ञान में आने के बाद पुलिस रेस हुई है, तो पूरे राज्य के मीडियाकर्मियों और आम जनता की निगाहें ओरमांझी पुलिस पर टिकी हैं। देखना होगा कि यह जांच कितनी तेजी से आगे बढ़ती है और सफेदपोशों व अपराधियों का यह गठजोड़ कब तक कानून के शिकंजे में आता है।





