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दिल्ली में INDIA गठबंधन की महारैली से गरमाई सियासत, BJP के पोस्टर ने बढ़ाया विवाद!

रामलीला मैदान में विपक्षी दलों का शक्ति प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, मतदाता सूची और कथित वोट चोरी को लेकर केंद्र सरकार पर हमले।

नई दिल्ली, 1 नवंबर 2026 (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। देश (INDIA) की राजनीति में आज 1 नवंबर को दिल्ली का रामलीला मैदान चर्चा का केंद्र बना रहा। विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन ने यहां ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोला। रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई विपक्षी नेताओं की मौजूदगी ने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया।

विपक्ष ने इस आयोजन के जरिए मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता जैसे मुद्दों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्षी एकजुटता पर तंज कसते हुए ‘ठगों का मेला’ नाम से पोस्टर जारी किया। इससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला और तेज हो गया।

रामलीला मैदान में विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन, चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

रविवार को आयोजित इस महारैली का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कथित वोट चोरी रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से आम नागरिकों के मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।

रैली से पहले INDIA गठबंधन के नेताओं ने मार्च भी निकाला। राहुल गांधी समेत कई नेता खुले वाहन से मिंटो रोड और कनॉट प्लेस की ओर से रामलीला मैदान पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से चुनावी निष्पक्षता पर सवाल खड़े हुए हैं।

हालांकि, इन आरोपों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। चुनाव आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची संशोधन का उद्देश्य डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं की पहचान करना है। आयोग ने राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। ऐसे में यह विवाद आने वाले दिनों में भी राजनीतिक और संवैधानिक बहस का विषय बना रह सकता है।

BJP का पलटवार, विपक्षी एकजुटता पर सियासी तंज

विपक्ष की महारैली के बीच भाजपा की ओर से भी राजनीतिक जवाब दिए जाने की खबरें सामने आईं। हालांकि, दिए गए ‘ठगों का मेला’ पोस्टर के दावे की स्वतंत्र और विश्वसनीय पुष्टि उपलब्ध नहीं हो सकी है। इसलिए इसे पुष्ट समाचार की तरह प्रकाशित करना उचित नहीं होगा।

राजनीतिक रूप से इस पूरे घटनाक्रम का महत्व इसलिए भी है क्योंकि INDIA गठबंधन के सामने विभिन्न राज्यों में अपने सहयोगी दलों के बीच तालमेल बनाए रखने की चुनौती है। वहीं भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताकर उसका जवाब दे रही है।

वायुसेना को मिला नया नेतृत्व, आशुतोष दीक्षित बने 29वें प्रमुख

भारतीय रक्षा क्षेत्र से भी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह का स्थान लिया, जो 42 वर्षों की विशिष्ट सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए।

आशुतोष दीक्षित इससे पहले वायुसेना के उप प्रमुख के पद पर कार्यरत थे। उन्हें लड़ाकू विमानों के संचालन, सैन्य रणनीति, उड़ान परीक्षण और रक्षा क्षमता के विकास का व्यापक अनुभव है।

उनके पास 3,500 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है। उन्होंने मिराज-2000, मिग श्रृंखला के विमानों और जगुआर सहित कई विमानों को उड़ाया है। उनके नेतृत्व में वायुसेना के आधुनिकीकरण, स्वदेशी रक्षा क्षमताओं और भविष्य की सैन्य चुनौतियों से निपटने की तैयारियों पर विशेष ध्यान रहने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय एकता दिवस पर 490 पुलिसकर्मियों को दक्षता पदक

सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वर्ष 2026 के लिए 490 पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों को ‘केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक’ से सम्मानित करने की घोषणा की।

इन पदकों के माध्यम से पुलिसिंग, विशेष अभियान, जांच-पड़ताल, खुफिया सेवाओं और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया गया है।

इस सम्मान का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाना तथा पेशेवर दक्षता को प्रोत्साहित करना है। यह पदक वर्ष 2024 में स्थापित किया गया था और इसकी घोषणा प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर की जाती है।

1 नवंबर को कई राज्यों का स्थापना दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम

देश के लिए 1 नवंबर की तारीख ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इस दिन मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इन राज्यों का गठन अलग-अलग ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्रशासनिक पुनर्गठन के परिणामस्वरूप हुआ था।

मध्य प्रदेश: 1 नवंबर 1956 को नए स्वरूप में गठन।

कर्नाटक: 1 नवंबर 1956 को मैसूर राज्य का गठन, जिसे 1973 में कर्नाटक नाम दिया गया।

केरल: 1 नवंबर 1956 को गठन।

पंजाब और हरियाणा: 1 नवंबर 1966 को पंजाब पुनर्गठन के बाद हरियाणा अलग राज्य बना।

छत्तीसगढ़: 1 नवंबर 2000 को मध्य प्रदेश से अलग होकर अस्तित्व में आया।

इस अवसर पर विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, सरकारी आयोजन और विशेष समारोह आयोजित किए जाते हैं। हालांकि, राजस्थान का स्थापना दिवस 30 मार्च को मनाया जाता है, इसलिए उसे 1 नवंबर की सूची में शामिल करना सही नहीं होगा।

FASTag के नियमों में बदलाव, स्थानीय वाहन चालकों को मिलेगा फायदा

नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए 1 नवंबर से एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू हुआ है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले पात्र गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों के लिए रियायती FASTag स्थानीय वार्षिक पास की व्यवस्था शुरू की है।

इस व्यवस्था के तहत संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र वाहन मालिक इसका लाभ उठा सकेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार  नगरपालिका या स्थानीय नगर सीमा से बाहर स्थित पात्र टोल प्लाजा के लिए वार्षिक शुल्क 1,500 रुपये होगा।

नगरपालिका या स्थानीय नगर सीमा के भीतर स्थित पात्र टोल प्लाजा के लिए शुल्क 3,000 रुपये निर्धारित किया गया है। वाहन पर वैध और सक्रिय FASTag होना आवश्यक है। यह पास केवल संबंधित निर्धारित टोल प्लाजा पर मान्य होगा।

यह सुविधा विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है जिन्हें रोजाना कामकाज, कारोबार या अन्य जरूरतों के लिए एक ही टोल प्लाजा से गुजरना पड़ता है। इससे नियमित आवागमन करने वाले स्थानीय वाहन चालकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

दिल्ली-NCR में प्रदूषण की चुनौती, GRAP के नियमों पर नजर

सर्दियों की शुरुआत के साथ दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण का मुद्दा एक बार फिर महत्वपूर्ण हो गया है। ठंड बढ़ने, हवा की गति कम होने और प्रदूषक तत्वों के वातावरण में जमा होने से राजधानी में स्मॉग की समस्या गंभीर हो सकती है।

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) व्यवस्था के तहत प्रदूषण के स्तर के अनुसार अलग-अलग प्रतिबंध लागू किए जाते हैं।

इसमें निर्माण कार्यों पर नियंत्रण, सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर पाबंदियां और जरूरत पड़ने पर वाहनों तथा स्कूलों से संबंधित अतिरिक्त कदम शामिल हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि GRAP के प्रतिबंध केवल 1 नवंबर की तारीख के आधार पर नहीं, बल्कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) और संबंधित परिस्थितियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाते हैं।

बिहार की राजनीति में हलचल, राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी भाजपा में शामिल

बिहार की राजनीति में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। हाल ही में विधान परिषद चुनाव जीतने वाले निर्दलीय विधान पार्षद राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी ने 31 अक्टूबर को भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की घोषणा की।

दोनों नेताओं ने अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में जदयू समर्थित उम्मीदवारों को पराजित किया था। राहुल राज सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से और बंशीधर ब्रजवासी तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। पटना स्थित भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और प्रदेश भाजपा नेताओं की मौजूदगी में यह राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया।

इस घटनाक्रम का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि दोनों नेताओं ने उन सीटों पर जीत दर्ज की थी, जहां एनडीए के सहयोगी जदयू के उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इससे बिहार में भाजपा और जदयू के बीच राजनीतिक समीकरणों तथा गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।

भारतीय महिला कुश्ती में मनीषा भनवाला ने जीता विश्व चैंपियनशिप स्वर्ण

खेल जगत से भारत के लिए बेहद गौरवपूर्ण खबर आई है। भारतीय पहलवान मनीषा भनवाला ने सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। वह सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बन गई हैं।

अस्ताना में आयोजित प्रतियोगिता के 59 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में मनीषा का मुकाबला अमेरिका की अबिगेल एलिजाबेथ नेट से हुआ। फाइनल मुकाबले में मनीषा शुरुआत में 0-6 से पिछड़ गई थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 8-6 से अपने नाम कर लिया।

उनकी इस जीत ने भारतीय महिला कुश्ती के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। यह सफलता आने वाली पीढ़ी की महिला पहलवानों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

भारतीय महिला क्रिकेट के 50 साल पूरे, 1976 से शुरू हुआ ऐतिहासिक सफर

भारतीय महिला क्रिकेट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने 50 गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं। 31 अक्टूबर 1976 को भारत की महिला टीम ने बेंगलुरु में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपना पहला आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मैच खेला था।

उस समय भारतीय महिला टीम की कप्तानी शांता रंगास्वामी के हाथों में थी। छह टेस्ट मैचों की श्रृंखला भारतीय महिला क्रिकेट के अंतरराष्ट्रीय सफर की ऐतिहासिक शुरुआत बनी।

पांच दशक के इस सफर में भारतीय महिला क्रिकेट ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारतीय महिला टीम विश्व क्रिकेट में मजबूत दावेदारों में गिनी जाती है।

50 साल पूरे होने का यह अवसर उन महिला खिलाड़ियों के संघर्ष, मेहनत और योगदान को याद करने का भी मौका है, जिन्होंने सीमित संसाधनों और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाई।

Expert Media News

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, प्रशासन, सरकार को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर लेखन-संपादन करते आ रहे हैं।

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