बिहार में पुलिस और शराब-ड्रग माफिया का काला खेल: नकरदेई थानेदार गिरफ्तार, जानें सनसनीखेज कहानी

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार के रक्सौल जिले के आदापुर प्रखंड अंतर्गत नकरदेई थाना में पदस्थापित अपर थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव का शराब पीते हुए वीडियो वायरल होना एक बड़ा विवाद बन गया है। इस वीडियो के प्रकाश में आने के बाद, पुलिस ने यादव को गिरफ्तार कर लिया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

जांच की शुरुआतः इस मामले ने तब जोर पकड़ा जब रक्सौल के एसपी स्वर्ण प्रभात ने एसडीपीओ धीरेंद्र कुमार को 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया। एसडीपीओ की निगरानी में एक टीम गठित की गई, जिसने वायरल वीडियो की गहन जांच की। जांच के दौरान यह पता चला कि कृष्ण कुमार यादव ने न केवल शराब पी थी, बल्कि स्थानीय ड्रग्स माफिया मो. असलम से रिश्वत भी ली थी।

गिरफ्तारी की प्रक्रियाः जांच में यह बात सामने आई कि यादव को शराब पिलाने का उद्देश्य था- मो. असलम को एक केस (संख्या 11/24) से बरी करवाना। मो. असलम ने कृष्ण कुमार यादव को अपने घर बुलाकर शराब पार्टी का आयोजन किया था, ताकि वह अपनी मुश्किलात को कम कर सके।

जैसे ही यह सब सामने आया, पुलिस ने कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया और प्राथमिकी दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। एसडीपीओ धीरेंद्र कुमार ने बताया कि उनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है और यह मामला अब उच्च स्तरीय जांच का विषय बन चुका है।

मो. असलम का बड़ा खेलः जांच के दौरान पुलिस ने मो. असलम के आवास पर छापेमारी की। जहां से उन्हें चरस, ब्राउन शुगर, भारतीय और नेपाली करेंसी के साथ गिरफ्तार किया गया। 918 ग्राम चरस, 214 ग्राम ब्राउन शुगर, 1,99,250 रुपये भारतीय मुद्रा, 54,000 रुपये नेपाली मुद्रा और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। मो. असलम को रक्सौल में एक इंटरनेशनल ड्रग्स माफिया माना जा रहा है, जो स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय रहा है।

राजनीतिक संबंधों का खुलासाः मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मो. असलम की पत्नी आदापुर प्रखंड की प्रमुख रह चुकी हैं और उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि भी है, क्योंकि वह पहले भी दो बार जेल जा चुके हैं। यह सभी घटनाएं स्थानीय राजनीति में व्याप्त भ्रष्टाचार और आपराधिक तत्वों के बीच के गठजोड़ की ओर इशारा करती हैं।

वेशक यह पूरा मामला न केवल नकरदेई थाना के दारोगा कृष्ण कुमार यादव की गंभीर अपराध को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि पुलिस प्रशासन में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी जा रही है, जो न केवल कानून का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि माफियाओं के साथ भी सांठगांठ रखते हैं।

फिलहाल, स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा असंतोष है और वे उम्मीद कर रहे हैं कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कड़ी कार्रवाई करेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

संबंधित खबरें

सर्वजन खबरें