शर्मनाकः राशन कार्ड-चापाकल भी सीएम साहब के संज्ञान पर बना !

शुक्र है कि सीएम हेमंत सोरेन के संज्ञान के बाद एक विधवा का राशन कार्ड बन गया और उस गांव-टोले का एक चापाकल भी बन गया, जिसके कारण लोग नदी का दूषित जल पीने को विवश थे। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या तंत्र इतना नकारा हो चुका है कि उसे ऐसी फौरिक समस्याओं के निदान के लिए भी सीएम स्तर से निर्देश देने पड़ेंगे। उपायुक्त से यह भी पूछा जाना चाहिए कि इसके लिए जिम्मेवार लोगों पर क्या कार्रवाई हुई….

एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। झारखंड प्रांत में अंचल-प्रखंड-पंचायत स्तर का तंत्र नकारा है। आम लोगों की समस्याएं सुनी नहीं जाती। प्रायः बीडीओ को विकास योजनाओं में घुसे रहने से मतलब है तो सीओ को जमीन की खरीद-बिक्री-दाखिल खारिज आदि की काली कमाई में मग्न। उनके उपर के अफसर भी प्रायः कान के कच्चे हैं। आम लोगों के काम दलालों बिचौलियों के हाथों में है। जो अपने हिसाब से गरीब-असहायों का शोषण-दमण कर रहे हैं।

यही कारण कारण है कि आज उन बुनियादि सम्स्याओं की शिकायत भी सीएम स्तर पर ट्वीटर-फेसबुक के जरिए पहुंचाना पड़ रहा है। हालांकि वर्तमान सीएम हेमंत सोरेन प्रशंसा के पात्र हैं कि वे अपने स्तर से हर छोटी-बड़ी समस्या का संज्ञान लेते हैं और उसके समाधान के त्वरित आदेश देते हैं।

खबर है कि सीएम हेमन्त सोरेन के आदेश के दो घंटे बाद गिरीडीह के बिरनी प्रखंड स्थित बराय गांव निवासी स्वर्गीय जीवलाल मंडल की पत्नी का राशन कार्ड निर्गत कर दिया गया। जबकि पिछले आठ माह से लाभुक राशन कार्ड हेतु प्रयासरत था।

सीएम को इस संबंध में जानकारी ट्वीटर पर देते हुए गिरीडीह डीसी ने बताया कि मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा स्वर्गीय जीवलाल मंडल की धर्मपत्नी इंद्रा देवी का राशन कार्ड बना दिया गया है। साथ ही अन्य योजनाओं का भी लाभ नियमानुसार इनको दिया जा रहा है।

बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन को ट्वीटर पर यह जानकारी दी गई थी कि पारा शिक्षक जीवलाल मंडल की एक वर्ष पूर्व इलाज के आभाव में मृत्यु हो गई। इलाज के लिए उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।

जीवलाल मंडल का परिवार के सदस्य राशन की किल्लत का सामना कर रहें हैं। राशन कार्ड के लिए परिजन विगत आठ माह से दर दर भटक रहे हैं, लेकिन राशन कार्ड नहीं बन रहा।

वहीं सीएम हेमंत सोरेन को ट्वीटर के जरिए जानकारी दी गई थी कि दुमका के मसलिया प्रखंड स्थित जोजोटोला के गरीब आदिवासी नदी का गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। सीएम से गांव के लोगों को स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध कराने का आग्रह किया था।

इस आलोक में सीएम आदेश के बाद मसलिया के बेलियाजोर जोजोटोला के ग्रामीणों को शुद्ध जल उपलब्ध करा दिया गया। इससे पूर्व गांव के लोग विगत एक माह से नदी का दूषित जल पीने को विवश थे।

सीएम को उपायुक्त दुमका ने ट्वीटर के जरिए अवगत कराया कि गांव में खराब पड़े एक हैंडपंप को ठीक कर कर दिया गया है। दूसरा काफी क्षतिग्रस्त है, जिसे यथाशीघ्र ठीक कर ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करा दिया जाएगा।

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