देशराजनीति

मार्ग्रेट अल्वा होंगी विपक्ष की उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार

नई दिल्ली (इंडिया न्यूज रिपोर्टर)। विपक्षी दलों ने रविवार को पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं गोवा की पूर्व राज्यपाल मार्ग्रेट अल्वा को संयुक्त तौर पर विपक्ष की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है।

विपक्षी दलों के नेताओं ने रविवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार के घर पर बैठक की। इस बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने एक प्रेस वार्ता कर अपने उम्मीदवार की घोषणा की।

शरद पवार ने प्रेस वार्ता में बताया कि गैर भाजपाई राजनीतिक दलों ने सर्वसम्मति से उपराष्ट्रपति पद के लिए मार्ग्रेट अल्वा का नाम उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर तय किया है।

17 राजनीतिक दलों ने अल्वा का सीधा समर्थन किया है। इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, आरजेडी, शिवसेना, टीआरएस, आरएसपी और वाम दल प्रमुख हैं।

पवार ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस नेत्री ममता बनर्जी से भी समर्थन के लिए संपर्क साधा था लेकिन वह उपलब्ध नहीं हो पाईं।

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी संपर्क साधा गया है और उम्मीद है कि जल्द ही उनकी आम आदमी पार्टी विपक्ष के नेता को समर्थन की घोषणा करेगी।

पवार ने बताया कि विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर मार्ग्रेट अल्वा 19 जुलाई मंगलवार को नामांकन पत्र दाखिल करेंगी।

मार्ग्रेट अल्वा गोवा, गुजरात, राजस्थान और उत्तराखंड की राज्यपाल रह चुकी हैं। वह पूर्व में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की संयुक्त सचिव रही हैं। उनकी सास वायलेट अल्वा 1960 के दशक में राज्यसभा की उपसभापति थीं।

Expert Media News / Mukesh bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले 35 वर्षों से एक समर्पित समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रुप में सक्रीय हैं, जिन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय खबरों पर गहरी समझ और विश्लेषण देने का अनुभव है। वे Expert Media News टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो एक डिजिटल समाचार प्लेटफ़ॉर्म जो ताज़ा घटनाओं, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। Expert Media News न केवल ताज़ा खबरें साझा करता है, बल्कि उन विश्लेषणों को भी प्रकाशित करता है जो आज की बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। वे मानते हैं कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।
Back to top button