Home देश पटना बॉयज हॉस्टल में इमर्शन रॉड से लगी भीषण आग,अफरातफरी

पटना बॉयज हॉस्टल में इमर्शन रॉड से लगी भीषण आग,अफरातफरी

A huge fire broke out in Patna Boys Hostel due to immersion rod, chaos ensued
A huge fire broke out in Patna Boys Hostel due to immersion rod, chaos ensued

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। राजधानी पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक बॉयज हॉस्टल में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने के बाद हॉस्टल में अफरातफरी का माहौल बन गया। हॉस्टल में मौजूद 40 छात्रों की जान पर बन आई, लेकिन दमकल विभाग और पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने बड़ा हादसा होने से रोक दिया। हॉस्टल में आग लगने की वजह एक कमरे में बिजली बोर्ड में लगाई गई इमर्शन रॉड बताई जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शॉर्ट सर्किट की वजह से एक कमरे में आग भड़क गई। देखते ही देखते आग ने तेज लपटों का रूप ले लिया और कमरे से धुआं निकलने लगा। इसी दौरान वहां रखे एसी में ब्लास्ट हो गया। जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

घटना के वक्त हॉस्टल में करीब 40 छात्र मौजूद थे। आग लगते ही सभी छात्र घबराकर इधर-उधर भागने लगे। वहीं, जिस कमरे में आग लगी थी। उसमें चार छात्र फंस गए थे। धुएं और आग की लपटों के बीच फंसे इन छात्रों को वहां मौजूद अन्य छात्रों ने बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला। दमकल विभाग के पहुंचने तक आग फैलने लगी थी। लेकिन कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

आग ने कमरे के अंदर रखे सामान, बेड और अन्य चीजों को पूरी तरह से नुकसान पहुंचाया है। हालांकि समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू होने की वजह से किसी भी छात्र को शारीरिक क्षति नहीं हुई। जिला अग्निशमन पदाधिकारी के अऩुसार घटना के समय हॉस्टल में करीब 40-50 लोग थे। सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट लग रही है। लेकिन इसकी पूरी जांच की जाएगी।

हॉस्टल में रहने वाले एक छात्र ने कहा कि हमने जैसे ही धुआं देखा तो तुरंत सभी को अलर्ट किया। आग बहुत तेजी से फैल रही थी। लेकिन दमकल टीम के समय पर पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।

बहरहाल यह घटना एक बार फिर से बिजली उपकरणों के गलत इस्तेमाल और सुरक्षा उपायों की अनदेखी को लेकर सवाल खड़े करती है। इमर्शन रॉड जैसी चीजें अक्सर ओवरलोडिंग और शॉर्ट सर्किट का कारण बनती हैं। प्रशासन और हॉस्टल प्रबंधन को इस बात का ध्यान रखना होगा कि छात्रों को ऐसे उपकरणों के सुरक्षित इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जाए।

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