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उन्मादी हाथी का कहर: पश्चिमी सिंहभूम में एक हफ्ते में 17 मौतें, जेटेया में 7 लोगों की दर्दनाक मौत

Rampaging elephant wreaks havoc 17 deaths in a week in West Singhbhum, including 7 tragic deaths in Jeteya.

चाईबासा (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक हिंसक नर हाथी ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। नोवामुंडी प्रखंड के जेटेया क्षेत्र में हाथी के ताबड़तोड़ हमलों में सात ग्रामीणों की मौत हो गई, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में बावड़िया गांव के एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं, जिससे गांव में कोहराम मचा हुआ है।

जानकारी के अनुसार यह नर हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया है और बीते एक सप्ताह से जिले के अलग-अलग इलाकों में आतंक फैला रहा है। अब तक हाथी के हमलों में 17 ग्रामीणों की जान जा चुकी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने पश्चिम बंगाल से भी एक विशेष टीम को बुलाया है, ताकि हाथी को काबू में किया जा सके।

पुआल की झोपड़ी बनी मौत का ठिकानाः पहली दर्दनाक करीब 10 बजे बावड़िया गांव के मुंडासाई टोला में हुई। पुआल से बनी झोपड़ी में सो रहे एक परिवार पर हाथी ने अचानक हमला कर दिया। झोपड़ी में पति सनातन मेराल, पत्नी जोलोको कुई, पुत्री दमयंती मेराल और पुत्र मुंगडू मेराल सो रहे थे। हाथी ने पहले जोलोको कुई पर हमला किया, फिर एक-एक कर पूरे परिवार को कुचल दिया। कुछ ही मिनटों में चारों की मौके पर ही मौत हो गई।

इसी टोला में दूसरी झोपड़ी में सो रहे वीरसिंह पुरती ने पेड़ पर चढ़कर किसी तरह अपनी जान बचाई, जबकि सुशीला मेराल और जयपाल मेराल अंधेरे में भागकर बच निकले।

दूसरे गांवों में भी बरपा कहरः रात करीब 11 बजे हाथी उलीसाई टोला पहुंचा, जहां उसने गुरुचरण लागुरी को कुचलकर मार डाला। इस हमले में तीन बच्चे और एक अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। इसके बाद हाथी रात एक बजे बड़ापासिया गांव के डुगुडबासा पहुंचा और वहां मंगल बोबोंगा को भी मौत के घाट उतार दिया।

इधर, हाटगम्हरिया में घायल महिला चिपरी हेम्ब्रम ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ गई।

दहशत में ग्रामीण, वन विभाग पर दबावः लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भारी भय का माहौल है। लोग रात में घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और हाथी को ट्रैक करने के लिए ड्रोन व विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द हाथी को काबू में करने और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल पूरा क्षेत्र अलर्ट पर है और किसी भी नई घटना को रोकने के लिए लगातार प्रयास जारी हैं।

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