नीतीश सरकार ने चुनाव पूर्व शिक्षकों को लुभाया, 22 फीसदी वेतन इजाफा समेत 28 एजेंडों को मंजूरी

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एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 28 एजेंडों पर मुहर लगी है। इस बार नीतीश सरकार नियोजित शिक्षकों पर काफी मेहरबान है।

विधानसभा चुनाव के पहले नीतीश सरकार ने नियोजित शिक्षकों के लिए खजाना खोल दिया है। सरकार ने नियोजित शिक्षकों के वेतन में 22 फीसदी का इजाफा किया है। नीतीश मंत्रिपरिषद की बैठक में इस फैसले पर मुहर लग गई है।

मंत्रिपरिषद की बैठक में नियोजित शिक्षकों के लिए सेवा शर्त नियमावली पर मुहर लगाई गई। इस नियमावली पर मुहर लगाने के साथ सातवें वेतन वृद्धि का भी फैसला किया गया है।

लंबी लड़ाई के बाद नीतीश सरकार ने सेवा शर्त नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद अब नियोजित शिक्षकों को प्रमोशन और राज्य में कहीं भी स्थानांतरण जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। नियोजित शिक्षक लंबे वक्त से सेवा शर्त और वेतनमान की मांग करते रहे हैं।

वेतन वृद्धि 15 से 22 प्रतिशत तक की गई है जिसमें वरिष्ठता के आधार पर निर्णय किया जाएगा।  शिक्षकों को मिलने वाले लाभ में ईपीएफ के तौर पर 12-12 फीसदी का अंश, 12 फीसदी सरकार अपने हिस्से से देगी। स्थानान्तरण, प्रोमोशन समेत अन्य तरह की सुविधा का तोहफा मिलने वाला है।

अब बिहार के नियोजित शिक्षक किसी कोने में ले ट्रांसफर ले सकेंगे। इसके साथ ही संयुक्त सीमित परीक्षा के माध्यम से प्रोमोशन का भी लाभ मिलेगा।

वहीं, शिक्षक की मौत के बाद परिजनों को अनुकंपा पर नौकरी भी मिल सकेगी। नियोजित शिक्षकों के प्रमोशन, स्थानान्तरण, कार्रवाई नियमावली 2020 पर मुहर लग जाने से बिहार में साढ़े तीन लाख से अधिक शिक्षकों को फायदा मिलेगा।