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    Friday, June 21, 2024
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      BPSC इंटरव्यू में हुआ बड़ा खेल: यूपी पास, बिहार फेल!

      एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क। बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर (दर्शनशास्त्र) को नियुक्ति को लेकर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। बीपीएससी को नियुक्ति की जिम्मेदारी दी गई थी।

      इस नियुक्ति प्रक्रिया में एकेडमिक मार्क्स 85 नंबर और इंटरव्यू के 15 नंबर थे। इंटरव्यू पैनल में 6 एक्सपर्ट थे। जिसमें से 5 यूपी के थे। जनरल कैटेगरी के 68 सीटों में 43 यूपी के कैंडिडेट का सलेक्शन हुआ और बिहार के महज 25 कैंडिडेट को ही नौकरी मिल पाई।

      जब इस नियुक्ति प्रक्रिया के दस्तावेजों को खंगाला गया तो इंटरव्यू का खेल सामने आया। यूपी के कैंडिडेट को इंटरव्यू में 80 से 90 प्रतिशत नंबर देकर नौकरी दी गई, जबकि बिहार के कैंडिडेट के एकेडमिक मार्क्स बेहतर होने के बावजूद इंटरव्यू में कम मार्क्स देकर ‘फेल’ कर दिया गया।

      आरटीआई के तहत हुआ खुलासाः असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति मामले में पक्षपात किया गया है, जब इसका संदेह कुछ कैंडिडेट को हुआ तो उन्होंने बीपीएससी में एक आरटीआई फाइल की। आरटीआई के तहत सभी कैंडिडेट के इंटरव्यू और एकेडेमिक मार्क्स की जानकारी मांगी।

      8 महीने बीतने के बाद राज्य सूचना आयोग के आदेश पर 22 अगस्त 2017 को बीपीएससी ने जानकारी दी। 22 फरवरी से 5 मार्च 2016 तक हुए इंटरव्यू के सभी कैंडिडेट के मार्क्स का एनालिसिस किया गया तो खुलकर सामने आया कि बिहारी कैंडिडेट को इंटरव्यू में बहुत ही कम नंबर देकर चयन प्रक्रिया से बाहर किया गया है।

      ऐसा पहले भी की जा चुकी है शिकायतः बिहार के विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती 15 सालों के बाद हो रही है। इसमें भी बिहार के कैंडिडेट फर्जीवाड़ा कर वंचित कर दिए गए ऑल बिहार पीएचडी संघ के अध्यक्ष डॉ पंकज पटेल व इसमें शामिल पीड़ित अभ्यर्थियों ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी से इसकी शिकायत की थी। अब आरटीआई से मिली जानकारी के बाद काफी मजबूत हो गया है।

      अब यूजीसी ने किया जवाब तलबः इस मामले में यूजीसी ने गंभीरता से लेते हुए 17 अगस्त 2016 को बिहार लोक सेवा आयोग के सचिव को पत्र लिख कर पूरे मामले को जानकारी मांगी थी। बीपीएससी द्वारा जानकारी नहीं दिए जाने के बाद यूजीसी ने पुनः 8 नवंबर 2016 को पत्र लिखा। लेकिन एक साल बाद भी यह जानकारी यूजीसी को नहीं दी गई है।

      इंटरव्यू पैनल में ये प्रोफेसर थे शामिलः

      • प्रोफेसर यूसी दुबे, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में धर्म एवं दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर है।
      • प्रोफेसर डीबी ये बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में धर्म एवं दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर है।
      • डॉक्टर ततीफ हुसैन शाहवाजमी ये अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर है।
      • प्रोफेसर तारिक इस्लाम अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर है।
      • प्रोफेसर कंचन सक्सेना ये लखनऊ यूनिवर्सिटी के दर्शनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष है।
      • प्रोफेसर सुनील रॉय ये बर्द्धमान यूनिवर्सिटी वेस्ट बंगाल में दर्शनशास्त्र के प्रोफेसर है।

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