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    Thursday, May 30, 2024
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      फतुहा फोरलेन पर बिहार शरीफ के रिटायर बैंक मैनेजर की दिनदहाड़े हत्या की गुत्थी सुलझाने में उलझी पुलिस

      घटना का स्पष्ट कारण पता नहीं चला है, पर कोई अंदरुनी कारण है। इसमें जमीन विवाद, पैसे का लेनदेन या पारिवारिक विवाद हो सकता है। पुलिस सभी संभावित बिंदुओं पर छानबीन में जुटी है। बिहारशरीफ में ही सुराग हैं, इसलिए टीम वहीं जांच कर रही है……उपेंद्र कुमार शर्मा, एसएसपी, पटना।

      पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज नेटवर्क)। बख्तियारपुर-पटना फोरलेन टोल रोड पर बाइक सवार दो अपराधियों ने शनिवार सुबह स्टेट बैंक से रिटायर्ड मैनेजर 60 वर्षीय शैलेंद्र कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

      Police involved in solving the daylight murder of Bihar Sharife retired bank manager on Fatuha Fourlane 3वे अपने बैंककर्मी बेटे को पैतृक घर बिहारशरीफ ले जाने के लिए रिटायर्ड बैंककर्मी शैलेंद्र कुमार (60 वर्ष) कार से पटना के भागवतनगर आ रहे थे।

      सुबह करीब 8 बजे फतुहा के भिखुआ के पास अपराधियों ने ओवरटेक कर कार को रोका और गाड़ी स्थिर होने के पहले ड्राइवर अनिल उर्फ धर्मेंद्र को गोली मारी और फिर शैलेंद्र पर तीन गोलियां दाग दीं।

      शैलेंद्र की हत्या को लेकर परिजन फिलहाल कुछ बोल नहीं रहे। पुलिस ने घटनास्थल से 7.65 एमएम का खोखा और मैनेजर के साथ चालक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।

      शैंलेंद्र बिहारशरीफ के गढ़पर के रहने वाले थे। इसी साल फरवरी में पटना के भागवतनगर स्थित एसबीआई से रिटायर हुए थे। शनिवार सुबह बिहारशरीफ से कार से पटना आ रहे थे।

      फतुहा के भिखुआ गांव के पास कार ओवरटेक करने वाले अपराधियों ने ड्राइवर के हाथ में गोली मार दी। कार असंतुलित होकर डिवाइडर से टकराई और चालक गिर गया।

      अपराधियों ने ड्राइवर से मैनेजर की पहचान पूछी और फिर पिछली सीट पर बैठे शैलेंद्र की बांह में एक और सीने में दो गोली मार दी।

      शैलेंद्र की सांसें थमी देख अपराधी बिना कुछ लूटे निकल गए। घटना के पीछे जमीन या पैसे का लेन-देन या घरेलू विवाद सामने आ रहा है। बेटे ने हत्या के कारण पर कोई संकेत न देते हुए अज्ञात पर केस दर्ज कराया है। पुलिस को कॉन्ट्रैक्ट किलर पर शक है।

      शुरुआती पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली है कि अपराधी बिहारशरीफ से ही कार का पीछा कर रहे थे। टोल रोड पर सीसीटीवी नहीं रहने से पुलिस को घटनास्थल के एक किमी के दायरे में कोई प्रमाण हाथ नहीं लगा है। पुलिस की देर शाम तक की जांच में हत्याकांड के तार बिहारशरीफ से जुड़े हैं और लाइनर भी बिहारशरीफ का ही है।

      शैलेंद्र का बड़ा बेटा पीयूष दिव्यांग है। शादी कम हैसियत वाले परिवार में हुई है। छोटा मनीष असम में पोस्टेड है। असम से आए मनीष को ले जाने ही शैलेंद्र पटना आ रहे थे।

      छोटा बेटा मनीष की पत्नी के नाम से 60 लाख की जमीन रजिस्ट्री होने वाली थी। 

      उधर देर शाम पटना में पोस्टमार्टम के बाद शव नालंदा जिला मुख्यालय बिहार शरीफ नगर थाना क्षेत्र के गढ़पर-प्रोफेसर प्रोफेसर कॉलनी स्थित वैष्णो निवास लाया गया।

      शव आते ही परिवार की चीत्कार मोहल्ले में गूंजने लगी। पत्नी सरिता देवी शव को देख दहाड़े मार रही थीं। पड़ोसी, पीड़ित परिवार को ढाढ़स बंधाने में जुटे रहे।

      दिव्यांग बड़ा पुत्र पियूष पिता का शव देख अवाक था। छोटा पुत्र मनीष, असम में एसबीआई का कर्मी है। इसके अलावा परिवार में एक बेटी है। सभी बच्चे शादीशुदा हैं। घटना के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। परिवार किसी से रंजिश की बात से इंकार कर रहा है।

      शैलेंद्र पटना के भागवत नगर बैंक शाखा से इसी वर्ष फरवरी में रिटायर्ड हुए थे। परिवार से हुई पूछताछ घटना के बाद फतुहा थाना की पुलिस मृतक के घर आई। पदाधिकारियों ने घटना के बाबत परिवार से पूछताछ की। परिवार ने किसी से रंजिश की बात से इंकार किया।

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