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    Sunday, May 26, 2024
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      नीतीश का नया दांवः भाजपा नीत सरकार में यूं मंत्री बनेगें रालोसपा के उपेन्द्र कुशवाहा !

      एक्सपर्ट मीडिया न्यूज डेस्क।  बिहार की राजनीति में किसी भी नेता के लिए नैतिक-सिद्धांत आदि कोई मायने नहीं रखते। वैसे भी लोकतंत्र को पलटीमार कूटनीति की मिसालें जगजाहिर हैं।

      खबर है कि बीते आम विधानसभा चुनाव में जदयू सरकार को पानी पीकर कोसने वाले  राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा जदयू में शामिल होने जा रहे हैं।

      इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू के पूर्व अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह से कई बार चिरौरी भी की है।

      कहा जाता है कि बिहार में सरकार बनने के बाद उपेंद्र कुशवाहा दो बार नीतीश कुमार से मुलाकात कर चुके हैं। कल रविवार को उन्होंने सीएम नीतीश से फाईनली तीसरी मुलाकात की है।

      इस मुलाकात के बाद के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वो नीतीश कुमार से कभी अलग नहीं हुए थे, बस राजनीतिक विचारधारा अलग थी।

      उधर जदयू के वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह का कहना है कि उपेंद्र कुशवाहा के आने से जदयू और मजबूत होगी। उपेंद्र कुशवाहा की मुलाकातों के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।

      माना जा रहा है कि बीते रविवार को नीतीश कुमार और वशिष्ठ नारायण सिंह के साथ हुई मुलाकात के बाद यह माना जा रहा है कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी जदयू में शामिल हो सकती है।

      कहा जाता है कि हालिया वर्ष 2020 में हुए आम विधानसभा चुनाव के परिणामों से नीतीश कुमार खासा खुश नहीं है और उन्हें सदैव भाजपा का भय सता रहा है।

      वर्ष 2015 में नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव के साथ चुनाव लड़े थे तो उनकी पार्टी को 70 सीटें मिली थीं, लेकिन हाल ही में हुए चुनाव में उनकी पार्टी 43 सीटों पर सिमट कर रह गई।

      यही वजह है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से अपने पुराने समीकरण लव-कुश यानी कुर्मी-कुशवाहा वोट बैंक को मजबूत कर भाजपा पर भारी दिखने की जुगत भिड़ा रहे हैं।

      बता दें कि जाति के बजाय जमात की बात करने वाले नीतीश कुमार ने अब पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर इस्तीफा देकर कुर्मी जाति से ताल्लुक रखने वाले आरसीपी सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है, ताकि इस जाति पर राजनीतिक पकड़ बरकरार रह सके।

      इसके बाद दस जनवरी 2021 को नीतीश कुमार ने राज्य कार्यकारिणी की बैठक में विधानसभा चुनाव हारने वाले उमेश सिंह कुशवाहा को पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया और अब उपेन्द्र कुशवाहा के प्रति दरियादिली दिखाते नजर आ रहे हैं।

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