बिहार प्रगति यात्रा का आकर्षण बना मधुरेंद्र की यह अनोखी कलाकृति

मधुरेंद्र ने करीब 8 टन बालू से दो दिनों की मेहनत के बाद 10 फीट ऊंची मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आकृति बनाई, जिसमें मुख्यमंत्री को प्रगति पुरुष के रूप में दर्शाया गया...Madhurendra's unique artwork became the attraction of Chief Minister's Pragati Yatra

सुपौल (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बिहार प्रगति यात्रा के तीसरे चरण में एक अलग ही छटा बिखरी जब सुपौल जिले में अंतर्राष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार की बेमिसाल कलाकृति ने सबका ध्यान खींच लिया।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सुपौल के बकौर पंचायत स्थित परसौनी गांव में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं का शिलान्यास और समीक्षा की। इस मौके पर पूरणवास महादेव मंदिर परिसर में सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन कर जल जीवन और हरियाली के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया।

मधुरेंद्र ने करीब 8 टन बालू से दो दिनों की मेहनत के बाद 10 फीट ऊंची मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आकृति बनाई, जिसमें मुख्यमंत्री को प्रगति पुरुष के रूप में दर्शाया गया। इस कलाकृति में जल जीवन हरियाली का संदेश भी खूबसूरती से उकेरा गया था। उनकी इस कलाकृति को देखने और फोटो खिंचवाने के लिए हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। सोशल मीडिया पर यह कलाकृति वायरल हो रही है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस कलाकृति को देखकर मधुरेंद्र की जमकर सराहना की। उन्होंने मधुरेंद्र की पीठ थपथपाई और उनके साथ सेल्फी भी खिंचवाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि कला का यह तरीका जनसंदेश देने का बेहतरीन जरिया है और मधुरेंद्र ने इसे पूरी संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया है।

बता दें कि चंपारण जिले के मधुरेंद्र कुमार अपनी रेत कला के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवल अवॉर्ड, वैश्विक शांति सम्मान, राष्ट्रपति कलाम यूथ अवॉर्ड, बिहार गौरव और चंपारण रत्न जैसे अनगिनत पुरस्कार जीते हैं। उनकी कलाकृतियां न केवल भारत बल्कि विदेशों में भी सराही गई हैं।

मधुरेंद्र की कला सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता फैलाने के लिए जानी जाती है। उन्होंने विभिन्न आयोजनों में जलवायु परिवर्तन, स्वच्छता और सरकारी योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए अपनी कला का उपयोग किया है। वे 2019 के लोकसभा चुनाव, 2020 के विधानसभा चुनाव और स्वच्छ सर्वेक्षण 2021-22 के ब्रांड एंबेसडर भी रहे हैं।

मधुरेंद्र ने अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर करीब एक दर्जन रेत कला प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और देश के लिए कई पुरस्कार जीते। उनकी कलाकृतियां ओडिशा के अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवल, राजगीर महोत्सव, बौद्ध महोत्सव और विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले में भी प्रदर्शित की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के इस चरण में मधुरेंद्र की कलाकृति ने न केवल कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। बल्कि समाज को जल, जीवन और हरियाली के महत्व को समझाने का सार्थक प्रयास भी किया।

मौके पर जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव, सुपौल डीएम कौशलेंद्र कुमार समेत कई गणमान्य व्यक्तियों ने उनकी कलाकृति को सराहा।

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