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    Sunday, May 26, 2024
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      बुरे फंसे सांसद निशिकांत दुबे, भेजा 25 करोड़ मानहानि की नोटिश

      अगर वे नोटिस का जवाब 7 दिनों के अंदर नहीं देते हैं, तो बिना कोई जानकारी दिये अमित अग्रवाल उनपर सिविल या आपराधिक कार्रवाई के लिए कानूनी कदम उठाएंगे

      गोड्डा (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। व्यवसायी अमित अग्रवाल के वकील अभिताभ रे ने गोड्डा के बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे पर 25 करोड़ रूपये के मानहानि का दावा ठोका है। इस बाबत उन्होंने गोड्ड़ा सांसद को कानूनी नोटिस भेजा है।

      सांसद को यह नोटिस 6 जुलाई को भेजा गया है। भेजे गये नोटिस में वकील ने कहा है कि सांसद के बयानों से उनके क्लाइंट अनिल अग्रवाल की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को ठेस पहुंची है।

      उन्होंने नोटिस में जिक्र किया है कि इसके लिए सांसद निशिकांत दुबे ही पूरी तरह से जिम्मेवार होंगे। वहीं नोटिस में सांसद द्वारा लगाये सभी आरोपों का अनिल अग्रवाल के वकील ने खंडन भी किया है।

      दरअसल, सांसद निशिकांत दुबे ने 4 जुलाई को अमित अग्रवाल पर कई तरह के आरोप लगाये थे। एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा था कि कोलकाता के साल्टलेक में अमित अग्रवाल नाम का व्यक्ति 22 मंजिला मकान बनवा रहा है। उस  भवन में झारखंड के कई बड़े नेताओं का पैसा लगा है।

      सांसद ने उनपर राजधानी में लगभग 300 से 400 एकड़ जमीन खरीदने, कंपनी राजेश एक्सपोर्ट द्वारा जेएमएम को करोड़ों रूपये चंदा देने सहित कई तरह के आरोप लगाये थे।

      उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले की जांच 7 दिन में कराने की मांग की थी। ऐसा नहीं करने पर कोर्ट में जाने की बात भी की थी।

      गोड्डा सांसद द्वारा अमित अग्रवाल पर लगाये सभी तरह के आरोपों का खंडन वकील अभिताभ रे ने भी किया है।

      वकील का कहना है कि उनके क्लाइंट इस देश के नागरिक होने के साथ एक उद्योगपति भी हैं। उनकी प्रतिष्ठा एक ईमानदार बिजनेसमैन की है।

      सांसद ने बीते 4 जुलाई को मीडिया में जो अपमानजनक बयानबाजी अमित अग्रवाल को लेकर की है, वह पूरी तरह से गलत है। वे अपने क्लाइंट की तरफ से सभी आरोपों का खंडन करते हैं। वकील ने लीगल नोटिस भेज कानूनी कार्रवाई की बात की है।

      सभी आरोपों का वकील ने यूं किया है क्रमवार खंडन…

      आरोपः  अमित अग्रवाल ने कोलकाला के साल्ट लेक में जो 22 मंजिला मकान बनाया है, उसमें झारखंड के नेताओं के पैसे लगे हैं।

      खंडनः  साल्ट लेक में ऐसा कोई मकान अमित का नहीं है। वे एक ऐसी कंपनी से जुड़े हैं, जिसने साल्ट लेक में एक जमीन लीज पर ली है। कंपनी अपने खर्च और लोन पर ली गयी राशि से ही यहां 22 मंजिला मकान बना रही है। इसमें झारखंड के किसी भी नेता का एक भी पैसा नहीं लगा है।

      आरोपः  विनीत अग्रवाल उनके क्लाइंट के चचेरे भाई हैं। अमित अग्रवाल की कंपनी का नाम राजेश एक्सपोर्ट्स है। वहीं रांची में जमीन खऱीदने के साथ जेएमएम का पैसा कंपनी में लगा है।

      खंडनः   विनीत अग्रवाल का अमित अग्रवाल के साथ कोई संबंध नहीं है। न तो अमित के पास राजेश एक्सपोर्ट्स नाम की कोई कंपनी है। न ही वे या उससे जुड़ी कंपनी ने जेएमएम को कोई चंदा दिया है। अमित अग्रवाल ने रांची या आसपास में कोई जमीन भी नहीं खऱीदी है। मेरे क्लाइंट जिस कंपनी के साथ जुड़े हैं, उसने रांची के आसपास लगभग 7-8 एकड़ जमीन खरीदी थी। यह जमीन कंपनी ने 2012/2013 में डेयरी स्थापित करने के लिए खऱीदी थी। हालांकि प्रोजेक्ट हटाने के बाद जमीन के कुछ हिस्से को बेचा गया था।

      आरोपः  अमित अग्रवाल बाहरी हैं, और अभी फरार हैं।

      खंडनः  वे न तो बाहरी हैं न ही वे फरार हैं। उनका जन्म झरिया में हुआ था। बाहरी तो स्वंय सांसद निशिकांत दुबे हैं। जो राजनीति करने के लिए गोड्डा पहुंचे। उनके क्लाइंट देश के कानून को मानते हैं। सांसद जब चाहें, तो उनके ऑफिस आकर उनसे मुलाकात कर सकते हैं।

      आरोपः  अमित अग्रवाल का बैंक एकाउंट एनपीए है। उन्होंने बैक से जो पैसे लिए हैं वह नहीं लौटाए हैं।

      खंडनः   जिन कंपनियों के साथ उनके क्लाइंट जुड़े हैं, उसके बैंक एकाउंट एनपीए नहीं हैं। साथ ही उनसे जुड़ी कंपनी किसी भी बैंक के पैसे को देने में विफल नहीं रही है।

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