लो, कोरोना की ताबीज ले लो !

हमारे देश की संस्कृति ,आस्था और विश्वास से बनी है।लेकिन इससे भी इंकार नही किया जा सकता है कि यही आस्था जब विश्वास से अंधविश्वास में बदल जाती है तो बड़ी मुसीबत भी लेकर आती है। कई बार इसका नुकसान बड़ा हो जाता है

बिहार शरीफ (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)।   कहने को हम भले ही 21वीं सदी में जी रहे हो, लेकिन आज भी समस्याओं वाले इस देश में झाड़-फूंक,जादू-टोने से ही दूर किया जाता है।

अब कोरोना को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जो अंधविश्वास फैला है, वो किसी बड़ी मुसीबत का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। वैश्विक महामारी कोरोना पर बचाव के बजाय पूजा-पाठ और जादू-टोने-टोटका भारी पड़ रहा है।

इस देश में जहाँ ताली-थाली और दिया जलाने से जब कोरोना को भगाया जा सकता है तो फिर ताबीज से क्यों नहीं। कोरोना में हर कोई अवसर तलाश रहा है। गाँव में अक्सर कुछ न कुछ नया होता रहता है, पर ऐसा कुछ होगा ये हमारे लिए आश्चर्यजनक ही है।

नालंदा के चंडी प्रखंड के विभिन्न सोशल साइटों और ग्रुपों में एक वीडियो वायरल हो रहा है। चंडी के सतनाग गांव में एक मदारी वाला कोरोना से बचने के लिए ताबीज बेचता दिखाई दे रहा है।

खुद को देवी मां का भक्त बताने वाला मदारी गांव वालों को कोरोना से बचने के लिये लोगों से ताबीज खरीदने की बात कह रहा है।

उसका दावा है कि उसने कई जगह यह ताबीज बेचकर कोरोना से मुक्ति दिलाई है।वह गांव वालों को कहता है आज गुरुवार है शुभ दिन है।

आज जो इसकी पूजा कर ताबीज पहनेगा उसे कोरोना माई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती है। सैकड़ों गांव वाले की भीड़ में उक्त मदारी अपना कई ताबीज बेच देता है।

बताते चलें कि पिछले महीने इसी गांव में दो कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद मुखिया के द्वारा गांव की सीमा को सील कर दिया गया था। मदारी के इस खेल में सैकड़ों लोगों की भीड़ शारीरिक दूरी का मजाक बना रखा था।

गांव के मुखिया से इस वीडियो और शारीरिक दूरी के सबंध में तकनीकी वजह से बात नहीं हो सकी।

इससे पहले भी देश के विभिन्न राज्यों में कोरोना से बचाव के लिए पूजा पाठ,और पशुओं की बलि दी जा रही थी। एक बाबा तो लोगों का हाथ चूमकर कोरोना का इलाज करते थें।

ऐसा हुआ कि लोगों का इलाज करते करते बाबा ही कोरोना का शिकार हो गये। यह अंधविश्वास कहीं आफत का सबब न बन जाए पढ़े-लिखे लोग समाज के इस  अंधविश्वास से परेशान है।

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