Home खेल-कूद Amazing youth: सोशल मीडिया पर बिहार का यह ‘फिटनेस टार्जन’

Amazing youth: सोशल मीडिया पर बिहार का यह ‘फिटनेस टार्जन’

Amazing youth This 'Fitness Tarzan' of Bihar is on social media
Amazing youth: This 'Fitness Tarzan' of Bihar is on social media

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। पश्चिम चंपारण जिले के एक छोटे से गांव खर पोखरा पाकड़ के 23 वर्षीय युवा राजा यादव आज सोशल मीडिया पर ‘बिहारी टार्जन (Amazing youth)’ के नाम से छाए हुए हैं। अपनी असाधारण शारीरिक क्षमता और फिटनेस के कारण राजा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाखों लोगों के प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। उनके फिटनेस वीडियो और दौड़ के हैरतअंगेज प्रदर्शन ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया है।

राजा यादव के वीडियो में कभी वह स्कॉर्पियो और थार जैसी गाड़ियों के साथ दौड़ते नजर आते हैं तो कभी अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए बुलेट मोटरसाइकिल को लिफ्ट करते दिखते हैं। उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। जो हर रोज उनके नए कारनामों का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

पहलवानी की पारिवारिक विरासतः राजा यादव का फिटनेस प्रेम उनके खून में है। उनके दादा और पिता भी पहलवान थे और अब राजा ने इस विरासत को आगे बढ़ाने का बीड़ा उठाया है। वह रोज सुबह अपने गांव के अखाड़े में कुश्ती के दांव-पेंच आजमाते हैं और फिर दौड़ की प्रैक्टिस करते हैं। राजा का खाना-पीना भी पूरी तरह देसी है। वह रोजाना 5 लीटर ताजा दूध पीते हैं और घर का बना पनीर खाते हैं। यह उनकी ताकत और स्टैमिना का मुख्य स्रोत है।

देसी जुगाड़ से बना जिमः राजा ने अपने घर पर ही देसी जुगाड़ से जिम बनाया है। उसमें सीमेंट से बने डंबल और लकड़ी-बांस से तैयार किए गए उपकरण शामिल हैं। इस देसी जिम में गांव के अन्य युवा भी आकर एक्सरसाइज करते हैं और राजा से कुश्ती और फिटनेस के गुर सीखते हैं। राजा ने अब तक 60 से अधिक युवाओं को फिटनेस और कुश्ती की ट्रेनिंग दी है, जो उनके गाँव के लिए एक बड़ा प्रेरणा स्रोत है।

ओलंपिक जीतने का सपनाः राजा यादव ने कई बार भारतीय सेना में भर्ती होने की कोशिश की। लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने अपने लक्ष्य को बदलते हुए ओलंपिक में भारत के लिए मेडल जीतने का सपना देखा। वह 100 मीटर दौड़ में विशेष रूप से मेहनत कर रहे हैं और इसके लिए दिन-रात कड़ी प्रैक्टिस में जुटे हैं। उनके दिन का लगभग 8 घंटे का समय फिटनेस और ट्रेनिंग में जाता है। जिसमें 3-4 घंटे कुश्ती और दौड़ पर केंद्रित होते हैं।

गांव का गौरव है बिहारी टार्जनः राजा यादव, किसान लालबाबू यादव और फुलेना देवी के बेटे हैं। उन्होंने गांव के ही मध्य विद्यालय से आठवीं तक की पढ़ाई की और डीएम एकेडमी, बगहा से मैट्रिक किया।

इसके बाद उन्होंने राजकेश्वर इंटर कॉलेज, लौरिया से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। आज वह अपने गांव का गौरव बन चुके हैं और सोशल मीडिया के जरिए उनकी कहानी देश भर में फैल रही है।

राजा यादव की कहानी इस बात का प्रमाण है कि अगर आपके पास संकल्प और मेहनत की ताकत है तो सफलता आपकी पहुंच में होती है। चाहे आप कहीं से भी हों। ‘बिहारी टार्जन’ का सपना आज लाखों युवाओं को प्रेरित कर रहा है।

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