रजरप्पा मंदिर परिसर में गरजेगा बुल्डोजर, SDO ने 254 दुकानदारों को थमाया नोटिस
After High Court Pressure, Administration Moves to Remove Encroachments and Beautify Rajrappa Temple Complex.

विशेषज्ञों के अनुसार हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन अव्यवस्थित दुकानों, भीड़भाड़ और अतिक्रमण के कारण मंदिर परिसर की व्यवस्था प्रभावित होती रही है…
रामगढ़ (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रजरप्पा मंदिर परिसर में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर में वर्षों से संचालित 254 दुकानों को खाली करने का नोटिस जारी किया है और दुकानदारों को 15 दिनों के भीतर दुकान खाली करने का निर्देश दिया गया है।
यह कार्रवाई प्रशासन की उस मुहिम का हिस्सा है, जिसके तहत मंदिर परिसर को अतिक्रमण मुक्त कर व्यवस्थित और आकर्षक धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाना है। प्रशासनिक संकेतों से साफ है कि तय समय के बाद बुल्डोजर कार्रवाई भी शुरू हो सकती है।
निरीक्षण के बाद प्रशासन का कड़ा संदेशः रामगढ़ जिला प्रशासन के निर्देश पर देर शाम अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अनुराग कुमार तिवारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने मंदिर परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया।
टीम ने मंदिर के आसपास के पूरे क्षेत्र का दौरा कर अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद परिसर में संचालित रेस्टोरेंट संचालकों, पुजारियों और दुकानदारों के साथ बैठक भी की गई।
बैठक में प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि अब अतिक्रमण के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि निर्धारित समय सीमा के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी जाएगी।
मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण की योजनाः प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण हटने के बाद मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण, यात्री सुविधाओं और पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाएगी।
विशेषज्ञों के अनुसार हर साल लाखों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं, लेकिन अव्यवस्थित दुकानों, भीड़भाड़ और अतिक्रमण के कारण मंदिर परिसर की व्यवस्था प्रभावित होती रही है।
अतिक्रमण हटने के बाद यहां साफ-सुथरा प्रवेश मार्ग, पार्किंग, बेहतर दुकान व्यवस्था और पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की योजना पर काम किया जा सकता है।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद प्रशासन हुआ सक्रियः मंदिर परिसर में अतिक्रमण हटाने और सौंदर्यीकरण के कार्य में लंबे समय से हो रही देरी को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया था।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। प्रशासन का मानना है कि अदालत के निर्देशों के अनुपालन के लिए यह कार्रवाई जरूरी है।
दुकानदारों में चिंता, प्रशासन के सामने चुनौतीः 254 दुकानों को नोटिस जारी होने के बाद मंदिर परिसर में वर्षों से व्यवसाय कर रहे दुकानदारों के बीच चिंता और असमंजस की स्थिति बन गई है। कई दुकानदारों का कहना है कि उनकी रोजी-रोटी इसी व्यवसाय पर निर्भर है, इसलिए प्रशासन को पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार करना चाहिए।
वहीं प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे की कार्रवाई की जाएगी और मंदिर परिसर को व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
धार्मिक पर्यटन के लिए अहम कदमः विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि मंदिर परिसर से अतिक्रमण हटाकर सुव्यवस्थित ढंग से विकास किया गया तो रजरप्पा मंदिर झारखंड के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में और अधिक आकर्षण का केंद्र बन सकता है। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई धार्मिक आस्था, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था तीनों के संतुलन की बड़ी परीक्षा भी मानी जा रही है।









