
पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार में परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार ने ‘भारत टैक्सी’ नाम से सहकारी मॉडल पर आधारित टैक्सी सेवा को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था के तहत कैब के साथ-साथ ऑटो और बाइक की भी बुकिंग एप के माध्यम से की जा सकेगी। सहकारिता विभाग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं और जून से अक्तूबर के बीच चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में इसे शुरू करने की योजना है।
जून से होगी शुरुआत, अक्तूबर तक पूरे राज्य में विस्तारः अधिकारियों के अनुसार इस वर्ष जून माह में कुछ चुनिंदा जिलों से सेवा की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद अक्तूबर तक इसे राज्य के अन्य छोटे-बड़े शहरों में विस्तार दिया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह सेवा मौजूदा निजी राइडिंग कंपनियों की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक सस्ती होगी, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ कम पड़ेगा।
गुजरात मॉडल पर बिहार की पहलः यह सहकारी टैक्सी सेवा गुजरात के तर्ज पर शुरू की जा रही है, जहां संस्थागत तरीके से सहकारी टैक्सी का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। उसी मॉडल को बिहार में लागू करने की तैयारी है, ताकि परिवहन क्षेत्र में निजी कंपनियों की एकाधिकार प्रवृत्ति को संतुलित किया जा सके।
चालक ही होंगे मालिक, नहीं देना होगा कमीशनः इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें चालक ही मालिक होंगे। ओला-उबर जैसी कंपनियों में पंजीकृत ड्राइवरों को हर राइड पर कंपनी को कमीशन देना पड़ता है, जिससे उनकी आमदनी प्रभावित होती है। लेकिन सहकारी टैक्सी मॉडल में किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा। किराये की पूरी राशि सीधे चालक को मिलेगी। इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि सेवा की गुणवत्ता भी बेहतर होने की उम्मीद है।
‘सारथी’ कहलाएंगे ड्राइवर, बनेंगे शेयरधारकः इस व्यवस्था में पंजीकृत ड्राइवरों को ‘सारथी’ कहा जाएगा। वे सहकारी समिति के शेयरधारक होंगे और एक निर्धारित राशि देकर शेयर खरीदेंगे। संस्था के चुनाव, संचालन और बोर्ड में भी उन्हीं की भागीदारी होगी। यानी निर्णय प्रक्रिया में चालक ही सर्वेसर्वा होंगे।
सरकार की ओर से इन चालकों को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिल सके।
एप से होगी बुकिंग, ‘भारत टैक्सी’ नाम से लॉन्चः सहकारी टैक्सी सेवा की बुकिंग पूरी तरह डिजिटल होगी। ‘भारत टैक्सी कैब, ऑटो एंड बाइक’ नाम से मोबाइल एप लॉन्च किया जाएगा। इसके माध्यम से शहर के भीतर और शहर से बाहर की यात्रा की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए ‘बाइक दीदी’ की भी अवधारणा लाई जाएगी। इससे महिला सवारियों को सुरक्षित विकल्प मिलने के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
हर जरूरत के लिए विकल्पः कैब सेवा में इकोनॉमी से लेकर अन्य श्रेणियों के विकल्प उपलब्ध रहेंगे। बड़े परिवारों के लिए छह यात्रियों तक की गाड़ी बुक करने की सुविधा भी दी जाएगी। ऑटो और बाइक बुकिंग का विकल्प इसे आम जनता के लिए और सुलभ बनाएगा।
सरकार की निगरानी में संचालनः यह पूरी व्यवस्था सरकार की निगरानी में संचालित होगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था की जा रही है। माना जा रहा है कि यह मॉडल बिहार में परिवहन क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा पैदा करेगा, जिससे यात्रियों को सस्ती और भरोसेमंद सेवा मिल सकेगी।
यदि योजना तय समय पर लागू होती है तो बिहार देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा जहां सहकारी मॉडल पर आधुनिक डिजिटल टैक्सी सेवा संचालित होगी।
समाचार स्रोत: मुकेश भारतीय/मीडिया रिपोर्ट्स





