
पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। बिहार की राजधानी पटना से सटे सारण जिले के ऐतिहासिक नगर सोनपुर की तस्वीर आने वाले वर्षों में पूरी तरह बदलने वाली है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में सोनपुर में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण प्रस्ताव पर आधिकारिक मुहर लग गई है। करीब 4200 एकड़ (लगभग 4228 एकड़) भूमि पर बनने वाला यह मेगा प्रोजेक्ट बिहार की विकास गाथा में नया अध्याय जोड़ने जा रहा है।
पटना एयरपोर्ट पर दबाव होगा कमः
पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लंबे समय से बढ़ती यात्री संख्या और सीमित रनवे क्षमता के कारण दबाव झेल रहा है। महज 2050 मीटर लंबा रनवे बड़े विमानों के संचालन में बाधा बनता रहा है। ऐसे में सोनपुर का नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट राजधानी के एयर ट्रैफिक को संतुलित करेगा और लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का प्रमुख केंद्र बनेगा।
वर्तमान में बिहार में पटना, गया, दरभंगा और पूर्णिया एयरपोर्ट संचालित हैं। गया एयरपोर्ट का रनवे 3400 मीटर और दरभंगा का 2700 मीटर है, लेकिन प्रस्तावित सोनपुर एयरपोर्ट दो अत्याधुनिक 4200 मीटर लंबे रनवे के साथ राज्य का सबसे उन्नत हवाई अड्डा होगा।
जेवर और नवी मुंबई की तर्ज पर विकासः
यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) और महाराष्ट्र के नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसे पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल) का सबसे बड़ा सिविलियन एयरपोर्ट बनाने की परिकल्पना की गई है।
4200 मीटर लंबे रनवे के कारण यहां दुनिया के सबसे बड़े यात्री विमानों में शामिल Airbus A380 जैसे विमान भी आसानी से उतर सकेंगे। सरकार ने वर्ष 2030 तक इस परियोजना को पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया है।
कहां बनेगा एयरपोर्ट?
प्रस्तावित एयरपोर्ट सोनपुर-छपरा फोरलेन एनएच-31 के उत्तर और गंडक नदी के पश्चिम में, हाजीपुर-डुमरिया के बीच दरियापुर चंवर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। भौगोलिक दृष्टि से यह स्थान पटना के बेहद करीब है, जिससे राजधानी क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई मिलेगी।
गंगा पर 12 लेन पुल से मजबूत होगी कनेक्टिविटीः
पटना और सोनपुर के बीच गंगा नदी है। बेहतर आवागमन के लिए गंगा पर 12 लेन पुल का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जेपी पुल के समानांतर 6 लेन का नया पुल बन रहा है। शेरपुर-दिघवारा पुल अंतिम चरण में है, वहीं गांधी सेतु के समानांतर भी नया पुल तैयार किया जा रहा है। अनुमान है कि अगले पांच वर्षों में गंगा पर बहु-लेन कनेक्टिविटी पूरी तरह सशक्त हो जाएगी, जिससे पटना से सोनपुर की दूरी समय के लिहाज से काफी कम हो जाएगी।
35 एजेंडा पर कैबिनेट की मुहर, स्वास्थ्य विभाग को बड़ी सौगातः
कैबिनेट बैठक में कुल 35 एजेंडों पर स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य विभाग में लगभग 1800 विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद सृजित करने की मंजूरी भी दी गई है। इनमें नेत्र रोग, ईएनटी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग समेत विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक विशेषज्ञ सेवाएं पहुंचाना है।
बदलेगी सोनपुर की पहचानः
विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेला के लिए पहचाने जाने वाला यह क्षेत्र अब वैश्विक विमानन नक्शे पर अपनी नई पहचान बनाएगा। भूमि अधिग्रहण, मास्टर प्लान और आधारभूत संरचना विकास के साथ यहां रोजगार, रियल एस्टेट, होटल उद्योग, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्र में भी बड़े निवेश की संभावना बनेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एयरपोर्ट केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि एरो-सिटी मॉडल के रूप में उभर सकता है, जो उत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देगा।
बिहार सरकार की यह महत्वाकांक्षी पहल राज्य को अंतरराष्ट्रीय हवाई मानचित्र पर नई मजबूती के साथ स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम मानी जा रही है।
समाचार स्रोत: मुकेश भारतीय / मीडिया रिपोर्ट्स





