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    Sunday, April 14, 2024
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      अवैध बालू लाद कर भाग रहे ट्रक ने ऑटो को कुचला, 12 की मौत, 4 घायल

      गुमला (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। रांची-गुमला एनएच-43 पर पारस नदी पुल के समीप अवैध बालू लेकर जा रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई। इनमें चार बच्चे, छह महिलाएं व दो पुरुष हैं।

      ऑटो में ड्राइवर सहित 16 लोग थे। ये सभी मकर संक्रांति पर रांची के बेड़ो प्रखंड में लगने वाले घघारी मेला देखने गए थे। देर शाम सभी लौट रहे थे।

      gimla news 2रात करीब नौ बजे पारस नदी के पास अवैध बालू लदे ट्रक (सीजी-14एमएस 3892) ने सामने से आ रहे ऑटो को टक्कर मार दी। ऑटो के परखच्चे उड़ गए।

      मौके पर सबसे पहले कुछ स्थानीय पत्रकार पहुंचे। कुछ घायलों को अपनी गाड़ियों से सामुदायिक अस्पताल पहुंचाया। फिर पुलिस को सूचना दी।

      इसके बाद पुलिस जीप और एंबुलेंस से सभी घायलों को स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। तब तक इनमें से चार लोगों की मौत हो चुकी थी।

      अन्य 12 घायलों को इलाज के लिए रिम्स (रांची) रेफर किया गया, जिनमें से आठ लोगों की रास्ते में ही मौत हो गई। ट्रक ड्राइवर और खलासी फरार है।

      4 की मौके पर मौत, आठ ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ा

      ऑटो में 16 लोग थे, मृतकों में चार बच्चे, छह महिलाएं व दो पुरुष शामिल हैं। मृतकों के नाम सतमी देवी (40) , लोदरो देवी (50), गांगो देवी (35),  जानकी देवी (35) , कृष्ण महतो (22), रोहित उरांव (14), राहुल महतो (5), अमन महतो (5), अक्षय महतो, सरस्वती कुमारी, कृष्णा महतो (ऑटो चालक) शामिल हैं।

      कंपाउंडर नहीं था, 15 मिनट रुका रहा इलाज

      जिस समय आठ घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, उस समय डॉक्टर अखिलेश टोपनो ड्यूटी पर मौजूद थे, मगर कंपाउंडर विजय केसरी नदारद था। इससे करीब 15 मिनट तक घायलों का इलाज नहीं हो पाया।

      फिर आनन-फानन में प्राथमिक उपचार के बाद सभी आठ घायलों को रिम्स भेज दिया गया। लेकिन रास्ते में ही आठ की मौत हो गई।

      एंबुलेंस चालक बोला अफसोस ! एक जिंदगी नहीं बचा पाया

      पांच घायलों को लेकर रिम्स पहुंचे एंबुलेंस चालक धर्मेंद्र ने कहा-मेरी गाड़ी में पांच घायलों को रखा गया। कहा गया कि इनकी हालत नाजुक है। रिम्स पहुंचाना है। वह 80 की स्पीड में पौने दो घंटे में रिम्स पहुंच गया।

      वहां पहले से ही डॉक्टर और गार्ड तैयार थे। घायलों को तत्काल इमरजेंसी में ले जाया गया। पता चला कि उनमें से एक महिला की मौत हो चुकी है। अफसोस है कि एक जिंदगी नहीं बचा पाया।

       

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