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    Wednesday, July 24, 2024
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      28 जून को बिहार के मात्र दो जिलों में होगी प्रधानाध्यापक नियुक्ति परीक्षा

      पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। आगामी 28 जून को होने वाली प्रधानाध्यापक नियुक्ति परीक्षा केवल पटना और मुजफ्फरपुर जिला के केन्द्रों पर ली जाएगी। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) ने अभ्यर्थियों की कम संख्या को देखते हुए इस परीक्षा के लिए केवल दो जिलों का चयन किया गया है, जहां इसके केंद्र होंगे।

      वहीं 29 जून को होने वाली प्रधान शिक्षक नियुक्ति परीक्षा के परीक्षा केंद्र भी प्रदेश के सभी जिलों में नहीं रहेंगे। प्रदेश के केवल 11 या 13 जिलों में ही इस परीक्षा के केंद्र रहेंगे।

      बता दें कि इन दोनों परीक्षाओं के पूर्व घोषित आयोजन तिथि 22 और 23 जून को बीसीसीबी की परीक्षा होने के कारण एक ही दिन जिले में 2-2 परीक्षाओं के आयोजन में व्यावहारिक परेशानी हो रही थी।

      इसको देखते हुए प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षक की परीक्षा तिथि बीपीएससी ने आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। अब 23 जून को होने वाली प्रधानाध्यापक नियुक्ति परीक्षा 28 जून को, जबकि 22 जून को होने वाली प्रधान शिक्षक नियुक्ति परीक्षा 29 जून को होगी।

      9 आइआइटी और 16 एनआइटी ने ब्रांच चेंज का विकल्प किया बंद: जेइइ एडवांस्ड के रिजल्ट के बाद अब आइआइटी और एनआइटी में एडमिशन के लिए काउंसेलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

      लाखों विद्यार्थी जेइइ मेन व एडवांस्ड की रैंक पर कॉलेज ऑप्शन चुनने के विश्लेषण में लगे हैं। इस वर्ष 121 कॉलेजों की 865 ब्रांचेंज को जोसा काउंसलिंग के दौरान भरना है। च्वाइस फिलिंग की अंतिम तिथि 18 जून तक है।

      इस वर्ष कई प्रमुख आइआइटी-एनआइटी ने विद्यार्थियों के प्रथम वर्ष की परफॉर्मेंस के आधार पर होने वाले ब्रांच अपग्रेडेशन के विकल्प को बंद कर दिया है।

      इन आइआइटी में शीर्ष आइआइटी मुंबई, मद्रास, खरगपुर हैदराबाद, जम्मू, मंडी, भुवनेश्वर, धारवाड़ के अतिरिक्त आइआइटी धनबाद शामिल हैं। आइआइटी के साथ-साथ 16 एनआइटी ऐसे हैं, जिन्होंने इस वर्ष ब्रांच अपग्रेडेशन के ऑप्शंस को बंद किया है।

      इन एनआइटी में पटना, जयपुर, अलाहाबाद, कालीकट, दिल्ली, हमीरपुर, सूरतकल, नागालैंड, पुड्डुचेरी, रायपुर, कुरूक्षेत्र, राउकैला, तिरुचिरापल्ली, वारंगल, सूरत और आंध्रप्रदेश में ये ऑप्शन बंद किये गये हैं।

      रुचि अनुसार पढ़ने वाली ब्रांच को ही प्राथमिकता सूची में रखना होगा: हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी शीर्ष आइआइटी-एनआइटी की कोर ब्रांचों के अतिरिक्त लोअर ब्रांचों को उनके नीचे के आइआइटी-एनआइटी की कोर ब्रांचों से ज्यादा प्राथमिकता में रखते थे।

      क्योंकि विद्यार्थियों की यह सोच होती है कि वे शीर्ष आइआइटी एवं एनआइटी में लोअर ब्रांचों में प्रवेश लेकर प्रथम वर्ष की परफॉर्मेंस के आधार पर ब्रांच अपग्रेड करवा सकते हैं।

      लेकिन अब नौ आइआइटी और 16 एनआइटी में ब्रांच अपग्रेड का विकल्प बंद होने से विद्यार्थी इन कॉलेजों में केवल अपनी रुचि के अनुसार पढ़ने वाली ब्रांच को ही प्राथमिकता सूची में रख सकेंगे।

      इस वर्ष कुल 59917 सीटों पर एडमिशन के लिए हो रही काउंसलिंगः इस वर्ष 23 आइआइटी की 17740, 32 एनआइटी की 24229, 26 ट्रिपल आइटी की 8546, जीएफटीआइ की 9402 के साथ कुल 59917 के लिए काउंसेलिंग हो रही है।

      गत वर्ष के मुकाबले आइआइटी की 355, एनआइटी की 275, ट्रिपल आइटी की 800, जीएफटीआइ की 1335 कुल 2765 सीटों में बढ़ोतरी हुई है।

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