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जानें कौन थे शुशील कुमार मोदी, जिनका हुआ कैंसर से निधन

पटना (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। सुशील कुमार मोदी (जन्म 5 जनवरी 1952) (मृत्यु 13 मई 2024 aims Delhi cancer ) भारतीय जनता पार्टी के राजनीतिज्ञ और बिहार के तीसरे उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। वे बिहार के वित्त मंत्री भी रह चुके हैं। वे वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद थे।

प्रारंभिक जीवनः मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को पटना में हुआ था। इनके माता का नाम रत्ना देवी तथा पिता का नाम मोती लाल मोदी था। इनका विद्यालय जीवन पटना के सेंट माइकल स्कूल में हुई।

इसके बाद इन्होने बी.एस.सी. की डिग्री बी.एन. कॉलेज, पटना से प्राप्त की। बाद में इन्होने एम.एस.सी. का कोर्स छोड़ दिया और जय प्रकाश नारायण द्वारा चलाये गए आंदोलन में कूद पड़े।

व्यक्तिगत जीवनः मोदी ने 1987 में जेसी जॉर्ज से शादी की। जेस्सी जॉर्ज मुंबई से हैं। इस दंपती के दो बेट हैं- उत्कर्ष ताथगेट (इंजीनियरिंग क्षेत्र में काम) और अक्षय अमृतांशु (जो कानूनी क्षेत्र में काम करते हैं)।

तथगेट ने बंगलौर में इंजीनियरिंग पूरी की, जबकि अक्षय ने राष्ट्रीय कानून संस्थान विश्वविद्यालय, भोपाल में कानून पूरा किया।

बंगलौर की एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले उत्कर्ष का विवाह कोलकाता की एक लड़की (चार्टर्ड अकाउंटेंट) से तय हुई है। यह शादी 3 दिसंबर 2017 को पटना से हुई।

राजनीतिक कैरियरः सुशील कुमार मोदी 2015 में नयागांव, सोनपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए 1990 में, वह सक्रिय राजनीति में शामिल हो गए और सफलतापूर्वक पटना केंद्रीय विधानसभा (जिसे अब कुम्हार (विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र) के रूप में जाना जाता है) से चुनाव लड़ा।

1990 में उन्हें फिर से निर्वाचित किया गया था। 1 990 में, उन्हें भाजपा बिहार विधानसभा दल के मुख्य सचेतक बनाया गया था। 1996 से 2004 तक वह राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता थे।

उन्होंने पटना हाईकोर्ट में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ जनहित याचिका दायर की, जिसे बाद में चारा घोटाले के रूप में जाना जाता था। 2004 में वह भागलपुर के निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए लोकसभा के सदस्य बने।

वह 2000 में एक अल्पकालिक नीतीश कुमार सरकार में संसदीय कार्य मंत्री थे। उन्होंने झारखंड राज्य के गठन का समर्थन किया।

2005 में बिहार चुनाव में, एनडीए सत्ता में आया और मोदी को बिहार बीजेपी विधानमंडल पार्टी के नेता चुना गया। उन्होंने बाद में लोकसभा से इस्तीफा दे दिया और बिहार के उपमुख्य मंत्री के रूप में पदभार संभाला।

कई अन्य विभागों के साथ उन्हें वित्त पोर्टफोलियो दिया गया था। 2010 में बिहार चुनावों में एनडीए की जीत के बाद, वह बिहार के उप मुख्यमंत्री बने रहे। मोदी ने 2005 और 2010 के लिए बिहार विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए प्रचार करने में समर्थ नहीं हुए।

2017 में, बिहार में जेडीयू-आरजेडी ग्रैंड एलायंस सरकार के पतन के पीछे सुशील मोदी मुख्य खिलाड़ी थे, उन्होंने अपने बेनामी संपत्तियों और अनियमित वित्तीय लेनदेन के आरोप में चार महीने के लिए राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके परिवार के खिलाफ लगातार निंदा की।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथः भारत-चीन युद्ध, 1962 के दौरान मोदी खासे सक्रिय थे और स्कूल के छात्रों को शारीरिक फिटनेस व परेड आदि का प्रशिक्षण देने के लिये सिविल डिफेंस के कमांडेंट नियुक्त किये गये थे। उसी साल नौजवान सुशील ने आरएसएस यानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सदस्यता ज्वाइन की।

1968 में उन्होंने आरएसएस का उच्चतम प्रशिक्षण यानी अधिकारी प्रशिक्षण कोर्स ज्वाइन किया जो तीन साल का होता है। मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने आरएसएस के विस्तारक (पूर्ण कालिक वर्कर) की भूमिका में दानापुर व खगौल में काम किया और कई स्थानों पर आरएसएश की शाखाएं शुरू करवायीं।

बाद में उन्हें पटना शहर के संध्या शाखा का इंचार्ज भी बनाया गया। मोदी के परिवार का रेडीमेड वस्त्रों का पारिवारिक कारोबार था और घर वाले चाहते थे कि वे कारोबार संभालें, लेकिन उन्होंने इस इच्छा के विपरीत जाकर सेवा का रास्ता चुना।

Expert Media News / Mukesh bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले 35 वर्षों से एक समर्पित समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रुप में सक्रीय हैं, जिन्हें समसामयिक राजनीतिक घटनाओं, सामाजिक मुद्दों और क्षेत्रीय खबरों पर गहरी समझ और विश्लेषण देने का अनुभव है। वे Expert Media News टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो एक डिजिटल समाचार प्लेटफ़ॉर्म जो ताज़ा घटनाओं, विश्वसनीय रिपोर्टिंग और प्रासंगिक दृष्टिकोण को पाठकों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखता है। Expert Media News न केवल ताज़ा खबरें साझा करता है, बल्कि उन विश्लेषणों को भी प्रकाशित करता है जो आज की बदलती दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करते हैं। वे मानते हैं कि पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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