
रांची (एक्सपर्ट मीडिया न्यूज)। झारखंड में कौशल विकास को नई दिशा देने की बड़ी घोषणा करते हुए श्रम मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य के सभी प्रखंडों में चरणबद्ध तरीके से नए कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण इलाकों के युवाओं को उनके घर के नजदीक ही रोजगारपरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।

मंत्री शुक्रवार को झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी (JSDMS) के तत्वावधान में आयोजित ‘झारखंड कौशल उत्कर्ष’ के भव्य समापन समारोह में संबोधित कर रहे थे। समारोह में राज्यभर से आए प्रशिक्षुओं, प्रशिक्षकों, अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इसे कौशल विकास के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक आयोजन बना दिया।
हर प्रखंड तक पहुंचेगा कौशल प्रशिक्षण का नेटवर्क
मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कौशल विकास अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगा। सरकार की प्राथमिकता है कि गांव और कस्बों के युवाओं को भी समान अवसर मिलें। नए कौशल केंद्रों में स्थानीय उद्योगों और बाजार की मांग के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे।
मंत्री ने कहा कि कौशल ही आज की अर्थव्यवस्था की असली पूंजी है और झारखंड का युवा अब इस पूंजी से समृद्ध होगा। उदाहरण के तौर पर कृषि आधारित उद्योग, निर्माण कार्य, इलेक्ट्रिकल, प्लंबिंग, हेल्थकेयर असिस्टेंट, आईटी एवं डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे ग्रामीण युवाओं को न सिर्फ नौकरी बल्कि स्वरोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
39 विजेता बनेंगे झारखंड के कौशल राजदूत
‘झारखंड कौशल उत्कर्ष’ प्रतियोगिता के 39 विजेताओं को सम्मानित करते हुए मंत्री श्री यादव भावुक भी दिखे और उत्साहित भी। उन्होंने कहा कि ये विजेता केवल राज्य स्तर के प्रतिभागी नहीं, बल्कि झारखंड की प्रतिभा के प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि अब सभी भारत स्किल्स प्रतियोगिता 2026 के लिए झारखंड के राजदूत हैं। पूरा विश्वास है कि आप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने हुनर का लोहा मनवाएंगे।
समारोह में स्वर्ण और रजत पदक विजेताओं को विशेष ट्रॉफी, प्रमाणपत्र और प्रशिक्षण सहायता पैकेज प्रदान किया गया। पूरे सभागार में तालियों की गूंज से विजेताओं का उत्साह और बढ़ गया।

राष्ट्रीय से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक का सफर
प्रतियोगिता के पदक विजेता आगामी माह ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु में आयोजित होने वाले अगले राउंड में भाग लेने रवाना होंगे। यहां से चयनित प्रतिभागी चीन में आयोजित होने वाली विश्व स्तरीय कौशल प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में झारखंड के प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए चयनित हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राज्य में कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में हुए सुधार का प्रमाण है।
प्रतिभागियों के लिए विशेष उन्नत प्रशिक्षण, सॉफ्ट स्किल्स और अंग्रेजी संवाद कौशल की भी व्यवस्था की गई है ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर आत्मविश्वास से प्रदर्शन कर सकें।
JSDMS बना युवाओं के भविष्य का मजबूत आधार
श्रम मंत्री ने कहा कि झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी राज्य के युवाओं को हुनरमंद बनाने में एक मजबूत स्तंभ के रूप में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि JSDMS अब केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशिक्षण के बाद नियोजन और स्वरोजगार के लिए भी मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है।
मिशन के तहत प्रशिक्षित युवाओं को प्लेसमेंट ड्राइव, जॉब फेयर और उद्योगों के साथ सीधी बातचीत के अवसर दिए जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में हजारों युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार मिला है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
उद्योगों के साथ नई साझेदारी, खुले रोजगार के द्वार
कार्यक्रम के दौरान कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को सीधे उद्योगों से जोड़ना है।
अधिकारियों ने बताया कि इन साझेदारियों से आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। कुछ कंपनियों ने विदेशों में भी प्लेसमेंट की संभावना जताई है, जिससे झारखंड के युवाओं को ग्लोबल एक्सपोजर मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि वे चाहते हैं कि झारखंड का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बने।
नवाचार और उत्कृष्ट प्रबंधन को भी मिला सम्मान
समारोह में केवल विजेताओं को ही नहीं, बल्कि कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और टीमों को भी सम्मानित किया गया। रांची के उप-श्रमायुक्त-सह-जिला कौशल पदाधिकारी और उनकी पूरी जिला टीम को बेहतर प्रबंधन, नवाचार और उच्च प्लेसमेंट दर के लिए विशेष प्रशस्ति पत्र दिया गया।
मंत्री ने मंच से उनकी सराहना करते हुए कहा कि नीतियों को जमीन पर उतारने में ऐसे अधिकारियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। टीम ने डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम, स्थानीय उद्योगों के साथ समन्वय और महिला प्रशिक्षुओं की भागीदारी बढ़ाने जैसे नवाचार किए हैं।
युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास, बदलेगी सामाजिक तस्वीर
कार्यक्रम में मौजूद कई प्रशिक्षुओं ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ ने बताया कि वे पहले बेरोजगार थे और परिवार पर बोझ महसूस करते थे, लेकिन प्रशिक्षण के बाद अब वे आत्मनिर्भर हैं।
एक प्रतिभागी ने कहा कि कौशल प्रशिक्षण ने उसे न केवल रोजगार दिया, बल्कि आत्मसम्मान भी लौटाया। विशेषज्ञों का मानना है कि कौशल विकास का प्रभाव केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक भी होता है। इससे बाल श्रम, पलायन और अपराध जैसी समस्याओं में भी कमी आती है।
महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
JSDMS द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष प्रतियोगिता में भी बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
मंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को सिलाई, फैशन डिजाइनिंग, ब्यूटी एंड वेलनेस, हेल्थकेयर और डिजिटल सेवाओं जैसे क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दे रही है। जब महिला सशक्त होती है तो पूरा परिवार और समाज मजबूत होता है।
कौशल विकास से आत्मनिर्भर झारखंड की ओर
समारोह के अंत में मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि कौशल विकास झारखंड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अवसरों का लाभ उठाएं और निरंतर सीखते रहें।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता, पारदर्शिता और प्लेसमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाए। कार्यक्रम राष्ट्रगान और सामूहिक संकल्प के साथ संपन्न हुआ, जिसमें सभी ने मिलकर झारखंड को कौशल की राजधानी बनाने का लक्ष्य दोहराया।
( एक्सपर्ट मीडिया न्यूज के लिए रांची से मुकेश भारतीय की रिपोर्ट )










